PATNA : पुलिस मुख्यालय अप्रैल से शुरू करेगा इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम, बस इस नंबर पर करना होगा कॉल
पटना। बिहार सरकार प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने और प्रदेश की लड़कियों और महिलायों की सुरक्षा के लिए नित नए प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में बिहार सरकार और बिहार पुलिस के सयुक्त सहयोग और पहल से इस नए साल में एक एडवांस और हाईटेक व्यवस्था की शुरुआत होने जा रही हैं जिसके बाद सूबे की सुरक्षा व्यवस्था पहले से भी एडवांस हो जाएगी। दरअसल, बिहार में इमरजेंसी रेस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम इस साल अप्रैल तक चालू हो जाएगा। यह सिस्टम महिलाओं, लड़कियों के साथ-साथ किसी भी प्रकार के इमरजेंसी में फंसे व्यक्ति को एक कॉल पर सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके पीड़ित को 112 नंबर पर कॉल करना होगा। कॉल आते ही कंप्यूटर खुद से पीड़ित के मामले को रजिस्टर्ड करेगा।

इसके बाद एक यूनीकोड जेनरेट होगा। इसकी जानकारी पीड़ित के मोबाइल पर भी भेजी जाएगी। इसके साथ ही कॉलर का मोबाइल नंबर और बाकी के डिटेल्स बनाए जाने वाले कंट्रोल रूम में मॉनिटर पर दिखने लगेगा। बता दे की दिल्ली के निर्भया कांड के बाद ही इसके लिए पहल की गई थी। वही इस व्यवस्था के बाद इमरजेंसी नंबर 100, 102 और 103 पर मिलने वाली सारी सहायता अब इमरजेंसी नंबर 112 पर उपलब्ध होगी। बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार 112 नंबर पर जब किसी पीड़ित का कॉल आएगा तो उसके पास चंद मिनटों के अंदर इमरजेंसी रेस्पॉन्स वेहिकल पहुंचेगी। जिसमें पुलिस टीम होगी, जो पीड़ित के परेशानियों का निपटारा करेगी। ERV के लिए पहले फेज में 23 मार्च तक 33.97 करोड़ रुपए की लागत से 400 गाड़ियां मिलेंगी।
ये गाड़ियां मोबाइल डेटा टर्मिनल से लैस होगी। जो GPS की तरह काम करेगा। वही इसके लिए बेली रोड पर राजवंशी नगर के बिहार पुलिस वायरलेस के कैंपस में बनाए गए सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ा रहेगा। इसमें पीड़ितों का कॉल रिसीव करने के लिए 90 महिला पुलिसकर्मियों की टीम हर एक पाली में 24×7 काम करेगी।

