बिहार में राजनीति के गिरते स्तर को लेकर पीके ने जाहिर की चिंता, बोले- जिसे किसी चीज का ज्ञान नहीं बिहार में वह माना जाता है बड़ा नेता
सीतामढ़ी। जन सुराज के सूत्रधार व जानेमाने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार में राजनीति के गिरते स्तर को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने आगे कहा की राजनीति में बयानबाजी का स्तर काफी नीचे जा रहा है। सत्ताधारी पक्ष व विपक्ष के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप के दौरान कुछ भी बोल रहे हैं। दरअसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद को बिहार के लिए कैंसर बताया तो लालू के प्रवक्ता शक्ति सिंह ने सम्राट को एड्स बता दिया। वही खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोलने के दौरान किसी के भी बाप तक पहुंच जा रहे हैं। इसको लेकर पीके ने बड़ा हमला बोला है। वही यह पूरी वक्ता चुनावी रणनीतिकार से नेता बने पीके ने सीतामढ़ी के सोनबरसा के भूताही में कहा कि बिहार की राजनीति में वाद विवाद का स्तर यही है। राज्य के लोग भी उसी व्यक्ति को नेता मानते हैं जिसको न तो कोई ज्ञान है और ना ही बोलने का तरीका ही है। बिहार में उसी को मजबूत नेता माना जाता है जो गाली-गलौज करे, बदमाशी करे, लूट-मार करे और गोली-बंदूक की बात करे। पीके ने आगे कहा कि नेताओं के ऐसे शब्दों पर रिएक्ट करता हूं। पीके ने आगे कहा कि वे किसी नेता की शिकायत करने के लिए पदयात्रा नहीं कर रहे बल्कि उन्हें समाज के साथ मिलकर काम करना है। लोगों को लग सकता है कि इसका असर नहीं पड़ेगा लेकिन बिहार में जो लोग भी राजनीति करते हैं उससे कम राजनीति की समझ मुझे भी नहीं है। ऐसा नहीं है कि बिहार की राजनीति और समाज की समझ मुझे नहीं है।


