नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ पर सीएम नीतीश ने जताया दुख, मुआवजे का किया ऐलान

  • 9 श्रद्धालुओं की मौत, मृतकों के आश्रितों को मिलेगा 6-6 लाख मुआवजा, घायलों को मिलेगी इलाज की सुविधा
  • आस्था के बीच मची अफरा-तफरी, दर्जनों घायल अस्पताल में भर्ती

पटना। बिहार के नालंदा जिले में स्थित मघड़ा गांव के प्राचीन शीतला माता मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। दीपनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को मंदिर परिसर में मची भगदड़ में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें सात महिलाएं शामिल हैं। इस घटना में दर्जनों लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। घटना उस समय हुई जब मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि चैत्र महीने के विशेष अवसर के कारण मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ थी। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिरते चले गए और चीख-पुकार से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर का गर्भगृह काफी छोटा है, जिससे भीड़ का दबाव और अधिक बढ़ गया। लोग जल्दी दर्शन करने के प्रयास में कतार व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे थे। इस अव्यवस्था के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और यह भयावह हादसा हो गया। कई महिलाएं भीड़ के दबाव में गिर पड़ीं और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर और आसपास लगे मेले को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री लगातार इस घटना की जानकारी ले रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। राज्य सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी घटना को लेकर बयान देते हुए कहा कि सरकार इस हादसे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने और उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा। मंत्री ने घोषणा की कि इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के आश्रितों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा घायलों को भी आवश्यक आर्थिक सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यह मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख आस्था केंद्र माना जाता है, जहां विशेष अवसरों पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस हादसे ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित प्रबंध किए गए होते, तो इस घटना को रोका जा सकता था। फिलहाल, प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसे के पीछे किन कारणों ने भूमिका निभाई। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इस दर्दनाक घटना ने न केवल नालंदा, बल्कि पूरे बिहार को शोक में डुबो दिया है। आस्था के इस स्थल पर हुआ यह हादसा लंबे समय तक लोगों के मन में एक दुखद स्मृति के रूप में बना रहेगा।

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