जमुई में उत्पाद विभाग की टीम हमला, एएसआई समेत पांच जवान घायल, तस्कर फरार
जमुई। बिहार के जमुई जिले में शराबबंदी कानून के तहत अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग की टीम पर बदमाशों द्वारा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। गिद्धौर थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के पास देर रात शराब तस्करी के विरुद्ध छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम को ग्रामीण बदमाशों के हमले का सामना करना पड़ा। इस घटना में एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) समेत पांच जवान घायल हो गए, जबकि मौके से पकड़ा गया शराब तस्कर अफरा-तफरी का फायदा उठाकर फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने फरार तस्कर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग को गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रतनपुर गांव के समीप अवैध शराब तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए 65 लीटर अवैध चुलाई शराब के साथ एक तस्कर को पकड़ लिया। पकड़े गए तस्कर की पहचान लखन यादव पुत्र धर्मेंद्र कुमार के रूप में की गई। टीम ने तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी जब्त की। बताया जा रहा है कि जब उत्पाद विभाग की टीम आरोपी को पकड़कर आगे बढ़ रही थी, तभी उसने अचानक जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आरोपी के शोर मचाते ही आसपास मौजूद बदमाश मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते कई लोग वहां जमा हो गए और उत्पाद विभाग की टीम को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने लाठी-डंडों से टीम पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से टीम में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान पकड़े गए तस्कर धर्मेंद्र कुमार को मौके से भागने का अवसर मिल गया और वह फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। हमले के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने त्रिलोकीनाथ यादव नामक एक व्यक्ति को मौके से पकड़ लिया। उसे भी अवैध शराब तस्करी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्पाद विभाग द्वारा आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। विभाग की ओर से बताया गया कि जब्त की गई 65 लीटर चुलाई शराब तथा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को थाने में सुरक्षित रखा गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस घटना में उत्पाद विभाग के सहायक अवर निरीक्षक पिंटू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं सुरक्षा कर्मियों में बमबम यादव, विकास साव, मनीष कुमार और अजय कुमार यादव को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। उपचार के बाद कुछ जवानों को अस्पताल में निगरानी के लिए रखा गया है। घटना को लेकर उत्पाद थाना प्रभारी गौरीशंकर कुमार ने बताया कि फरार तस्कर धर्मेंद्र कुमार मूल रूप से झाझा का निवासी है। वह अपनी ससुराल रतनपुर गांव में रहकर लंबे समय से अवैध शराब तस्करी के धंधे में संलिप्त था। उन्होंने कहा कि विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ही टीम को छापेमारी के लिए भेजा गया था। कार्रवाई के दौरान तस्कर को पकड़ा गया था, लेकिन आरोपी के शोर मचाने के बाद मौके पर पहुंचे बदमाशों ने टीम पर हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मची और तस्कर फरार हो गया। उत्पाद थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मियों पर हमला करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार लगातार सामने आ रहा है। ऐसे मामलों में कार्रवाई के दौरान अक्सर पुलिस या उत्पाद विभाग की टीमों पर हमला होने की घटनाएं भी रिपोर्ट होती रही हैं। जमुई की यह घटना एक बार फिर कानून व्यवस्था और शराब तस्करों के बढ़ते मनोबल पर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार तस्कर के साथ-साथ हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।


