किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार तथा सहरसा के डीआरडीए निदेशक के ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी, एक साथ कुल 12 ठिकानों पर रेड
पटना। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ईओयू ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आज बिहार सरकार के दो भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एक तो बिहार पुलिस के डीएसपी स्तर का अधिकारी है। जिन पर ईओयू ने छापा मारा है। वहीं दूसरी ओर जिला विकास अभिकरण के एक निर्देशक स्तर अधिकारी पर भी ईओयू के द्वारा छापेमारी की कार्रवाई की गई है। इन दोनों छापेमारी की कार्रवाइयों के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। जानकारी के मुताबिक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (किशनगंज) गौतम कुमार के 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। गौतम कुमार पर 1 करोड़ 94 लाख 9 हजार 244 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इनके पटना,पूर्णिया और किशनगंज जिले में अलग-अलग ठिकानों पर की जा रही है। इसके अलावा जिला क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (सहरसा) वैभव कुमार के भी 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। वैभव कुमार पर 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कार्रवाई की गई है। वैभव कुमार के मुजफ्फरपुर और सहरसा के ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। इससे पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की नौ सदस्यीय टीम ने भी बड़ी कार्रवाई की थी। सोमवार को सदर एसडीएम कार्यालय में छापेमारी कर दो कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों में निम्न वर्गीय लिपिक मयंक कुमार और स्टेनोग्राफर प्रेम कुमार शामिल हैं। दोनों के पास से टीम ने घूस में ली गई 70 हजार रुपए नकद भी बरामद किया है।24 मार्च को विशेष निगरानी इकाई ने शिवहर के उप विकास आयुक्त सह जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी बृजेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया और कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। बृजेश कुमार पर अलग-अलग पदों पर रहते हुए लगभग 1 करोड़ 84 लाख 32 हजार 900 रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा था।


