January 16, 2026

भोजपुर में बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, जमीनी विवाद में हुई वारदात, इलाके में सनसनी

भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिला में शुक्रवार की सुबह उस समय दहशत में बदल गई, जब जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बौली गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात पूर्व से चले आ रहे जमीनी विवाद का नतीजा बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग भय व आक्रोश के माहौल में आ गए। ग्रामीणों के लिए यह एक आम सुबह थी, लेकिन कुछ ही पलों में गोलियों की आवाज ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।
लंबे समय से चला आ रहा था जमीन को लेकर विवाद
मृतक बौली गांव के ही निवासी थे और गांव के कुछ लोगों से उनका काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इस विवाद को लेकर पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी और पंचायत स्तर पर समझौते की कोशिशें भी की गई थीं। हालांकि, कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, विवाद इतना गहरा था कि दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बना हुआ था और पहले भी धमकी दिए जाने की बातें सामने आ चुकी थीं।
सुबह-सुबह घात लगाकर किया गया हमला
शुक्रवार की सुबह बुजुर्ग अपने घर से बाहर निकले थे और खेत या गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तुरंत फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
गांव में अफरा-तफरी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की खबर फैलते ही बौली गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। मृतक के परिजन सदमे में थे और उनका रो-रोकर बुरा हाल था। बुजुर्ग की इस तरह दिनदहाड़े हत्या से गांव के लोगों में भय के साथ-साथ गुस्सा भी देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि जमीनी विवादों को समय रहते सुलझाया नहीं गया, तो ऐसे मामले आगे भी सामने आ सकते हैं।
पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही जगदीशपुर थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और घटना से जुड़े सुराग जुटाने का प्रयास किया।
प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद की पुष्टि
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पुराने विवाद में शामिल सभी लोगों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और हथियार कहां से लाए गए।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
हत्या की इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। वहीं, जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी बुलाया जा सकता है, ताकि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए जा सकें।
परिजनों के गंभीर आरोप और कार्रवाई की मां
मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जमीन विवाद को लेकर आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो गांव में भय का माहौल और गहरा हो सकता है।
जमीनी विवाद बनते जा रहे हैं खूनी संघर्ष का कारण
इस घटना ने एक बार फिर भोजपुर जिले में जमीनी विवाद के कारण बढ़ते अपराधों की ओर ध्यान खींचा है। ग्रामीण इलाकों में जमीन से जुड़े विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और राजस्व विभाग समय रहते ऐसे विवादों का समाधान कराए, तो इस तरह की हत्याओं को रोका जा सकता है। पंचायत और प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल की कमी को भी लोग इस तरह की घटनाओं का कारण मानते हैं।
पुलिस का भरोसा, दोषी नहीं बचेंगे
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भय और सवालों के बीच गांव की जिंदगी
फिलहाल बौली गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं और जमीनी विवादों को लेकर भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे इलाके के लिए चेतावनी भी है कि यदि विवादों का समाधान समय पर नहीं हुआ, तो उनका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।

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