बिहार में बढ़ने लगा गर्मी का असर, पटना में 30 डिग्री के पार तापमान, दिन में महसूस हुई कड़ी धूप
पटना। बिहार में मौसम का मिजाज अब साफ तौर पर बदलता नजर आ रहा है। सुबह और शाम की हल्की ठंडक धीरे-धीरे विदा लेने लगी है, जबकि दिन के समय धूप ने अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। फरवरी के अंतिम दिनों में ही गर्मी का असर दिखने लगा है और राज्य के कई हिस्सों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर पहुंच गया है। मौसम के इस बदलाव ने लोगों की दिनचर्या और कामकाज की रफ्तार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
दिन में बढ़ी धूप, ठंडक हुई कम
बीते कुछ दिनों से बिहार की फिजाओं में एक अलग ही अहसास है। सुबह-शाम हल्की ठंड का एहसास तो हो रहा है, लेकिन वह पहले जैसी नहीं रही। दिन चढ़ते ही धूप तेज हो जाती है और दोपहर में गर्मी साफ महसूस होने लगती है। राज्य के अधिकांश जिलों में दोपहर के समय तापमान 29 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हालांकि यह गर्मी अभी पूरी तरह तीखी नहीं है, लेकिन सूरज की तपिश लोगों को असमंजस में डाल रही है। न तो लोग पूरी तरह गर्म कपड़े उतार पा रहे हैं और न ही पसीने से तर हो रहे हैं।
राजधानी पटना में बदला मिजाज
राजधानी पटना में दिन के समय मौसम ने साफ तौर पर गर्मी का संकेत दिया। दोपहर के वक्त धूप तेज रही और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। दफ्तरों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों के बाहर दोपहर में सुस्ती का माहौल देखने को मिला। लोग धूप से बचने के लिए छांव तलाशते नजर आए। छोटे दुकानदार भी दुकान के अंदर या साए में बैठकर राहत खोजते दिखे। हवा की रफ्तार उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब पांच किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि नमी का स्तर लगभग 35 प्रतिशत के आसपास दर्ज किया गया। बारिश की कोई खास संभावना नहीं होने से दिन भर मौसम शुष्क बना रहा।
गया और आसपास के इलाकों में भी असर
ऐतिहासिक शहर गया में भी दोपहर की धूप ने लोगों की रफ्तार धीमी कर दी। यहां तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में हल्की बढ़ोतरी दर्शाता है। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर दोपहर के समय भीड़ अपेक्षाकृत कम दिखी। लोग जरूरी काम निपटाकर जल्दी घर लौटने की कोशिश करते नजर आए।
उत्तर बिहार में भी गर्मी की आहट
उत्तर बिहार के कई शहरों में भी धूप का असर साफ नजर आया। पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और आरा जैसे इलाकों में दिन के समय गर्मी ने लोगों को परेशान किया। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों में काम करते तो दिखे, लेकिन दोपहर की गरमाहट ने उनकी गति भी धीमी कर दी। सहरसा, दरभंगा और मधुबनी के बाजारों में भी रौनक कुछ फीकी रही और लोग धूप से बचते नजर आए।
फॉरबिसगंज में सबसे अधिक तापमान
उत्तर-पूर्वी बिहार के फॉरबिसगंज इलाके में तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया। यहां पारा 32.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा। अररिया जिले का यह इलाका गर्मी के मामले में सबसे आगे रहा। इसके मुकाबले मधुबनी और मुजफ्फरपुर में तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जिससे वहां गर्मी का असर थोड़ा कम महसूस हुआ।
तापमान में लगातार बढ़ोतरी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबौर और अगवानपुर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में एक डिग्री सेल्सियस से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह संकेत है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। पटना में जहां तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और मामूली गिरावट दिखी, वहीं गया में 29.6 डिग्री सेल्सियस के साथ हल्की वृद्धि दर्ज की गई।
कृषि और जनजीवन पर असर
मौसम के इस बदलाव का असर जनजीवन के साथ-साथ कृषि पर भी पड़ने लगा है। किसान फिलहाल रबी फसलों की देखभाल में जुटे हैं, लेकिन दोपहर की गर्मी ने खेतों में काम करने का समय सीमित कर दिया है। लोग सुबह और शाम के समय काम करना ज्यादा सुविधाजनक मान रहे हैं। शहरों में भी लोग धूप के समय बाहर निकलने से बचने लगे हैं।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग का अनुमान है कि फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है और आसमान साफ रहेगा। ऐसे में धूप का असर और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में और इजाफा देखने को मिल सकता है। फरवरी के अंत में ही जिस तरह गर्मी का असर दिखने लगा है, उससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि इस बार गर्मी समय से पहले दस्तक दे सकती है।
सर्दी की विदाई, गर्मी का स्वागत
कुल मिलाकर, बिहार में मौसम अब साफ इशारा कर रहा है कि सर्दी की रुखसती हो चुकी है और गर्मी ने धीरे-धीरे अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। सुबह-शाम की हल्की ठंडक भले ही अभी बाकी हो, लेकिन दिन के समय धूप और बढ़ता तापमान यह बता रहा है कि आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होगी। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत है, ताकि स्वास्थ्य और दिनचर्या पर इसका ज्यादा असर न पड़े।


