लालू-राबड़ी के शासनकाल काल में अस्पतालों के बेड पर कुत्ते सोते थे: प्रभाकर
- नकारात्मक राजनीति करते हैं तेजस्वी, एनडीए के शासनकाल में बेहतर हुई बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था
पटना। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव में नकारात्मकता इतनी भर गयी है कि ये न कभी अच्छा सोच सकते हैं, न कभी अच्छा देख सकते हैं। तेजस्वी यादव की सोच बताती है कि ये सिर्फ विरोध की राजनीति करते हैं, ऐसे लोग बिहार के लिए कभी बेहतर कार्य नहीं कर सकते। भाजपा प्रवक्ता ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कुछ बोलने के पहले यह जानकारी ले लेना चाहिए कि उनके माता-पिता के समय प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी थी। श्री मिश्र ने कहा कि बिहार के लोग 2005 के पहले के बिहार को नहीं भूले हैं। जब अस्पतालों में डॉक्टर नहीं होते थे। इलाज की कोई व्यवस्था नहीं रहने के कारण अस्पतालों से मरीज बैरंग लौट आते थे। ऑपरेशन थियेटर में मशीनें जंग खा रही थीं। अस्पतालों में आलम यह था कि बेडों पर कुत्ते विश्राम करते थे। असल में तेजस्वी यादव की आदत बिगड़ गयी है, वे बार-बार सूर्य पर थूकते हैं और उसका परिणाम भी भुगतते हैं, लेकिन इनकी आदत नहीं सुधरती। तेजस्वी यादव अपने माता-पिता के शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग में किया गया कोई एक कार्य भी बताएं। लालू-राबड़ी के शासनकाल में बिहार के अस्पताल वीरान हो गये थे। सिर्फ मोटी रकम पर प्राइवेट अस्पताल में इलाज होता था। गरीबों की जिंदगी भगवान भरोसे थी। प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों को सीएम हाऊस हफ्ता पहुंचाना पड़ता था। अब स्थितियां कितनी बेहतर हो गयी है, ये उन्हें नहीं दिखता, तो उनकी आंख और उनके दिमाग का दोष है।


