पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर रेमडेसिविर दवा के वितरण में गड़बड़ी का लगाया आरोप, की यह मांग

पटना। पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने बिहार में रेमडेसिविर इंजेक्शन के वितरण में भारी अनियमितता का आरोप सरकार पर लगाते हुए पूछा है कि आखिर किस आधार पर 3 दिनों में कुछ बड़े निजी अस्पतालों को इतनी संख्या में रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया गया? उन्होंने पूछा कि इसमें दुकानों पर बैठे मजिस्ट्रेट की कितनी संलिप्तता है और वेंडर, ड्रग्स इंस्पेक्टर व स्वास्थ्य विभाग का प्राइवेट अस्पतालों से किस तरह की मिलीभगत है। आज ये बिहार की जनता जानना चाहती है। ये खुलासा शुक्रवार को पप्पू यादव ने पटना में सिवान जाने से पूर्व एक प्रेस वार्ता में किया।
पूर्व सांसद ने बिहार सरकार द्वारा आपदा के वक़्त अस्पतालों में एएनएम, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय समेत डॉक्टरों की 3 महीने के लिए बहाली पर सवाल खड़े किए। कहा कि उनके पास प्रदेश की जनता को बचाने के लिए कोई इच्छाशक्ति नहीं है। यह बिहार का दुर्भाग्य है कि बीते 3 सालों से कोई सीनियर रेसिडेंट डॉक्टर बहाल नहीं किये गए हैं। इसलिये ये बहाली आपदा के वक्त सरकार द्वारा डैमेज कंट्रोल से ज्यादा कुछ भी नहीं है।
इसके अलावे उन्होंने पूछा कि भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी के घर 150 एम्बुलेंस क्यों खड़ी है, जबकि आज उसकी बेहद जरूरत है। ये एम्बुलेंस आम आदमी के काम क्यों नहीं आ रही? पप्पू यादव ने सरकार से मांग किया कि अभी बिहार में सभी विकास योजनाओं को बंद कर लोगों को बचाने के लिए प्राइवेट अस्पतालों में सबों का इलाज फ्री करवाये। साथ ही बिहार के लोगों का भी बीमा सरकार कराए और मुंबई के तर्ज पर बिहार के होटलों में भी कोरोना बेड लगाकर इलाज की व्यवस्था सरकार करे। इस मौके पर जाप नेता राजेश रंजन पप्पू और राजू दानवीर भी मौजूद रहे।

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