January 27, 2026

सम्राट के बयान का दिलीप जायसवाल ने किया बचाव, कहा- ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करें पुलिसकर्मी

पटना। बिहार की राजनीति में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान को लेकर चल रही चर्चा के बीच राज्य सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने खुलकर उनका बचाव किया है। सम्राट चौधरी ने हाल ही में कहा था कि जिन पुलिसकर्मियों को हथियार चलाना नहीं आता, वे छुट्टी लेकर घर चले जाएं। इस बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला था, वहीं अब मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे जिम्मेदारी और कर्तव्य से जोड़ते हुए पुलिसकर्मियों को अपनी भूमिका निभाने की नसीहत दी है।
कानून के राज की बात
दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में कानून का राज है और इसे बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे पुलिसकर्मी हों या अन्य सरकारी कर्मचारी, सेवा में रहते हुए सभी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना ही होगा। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सजगता जरूरी है। मंत्री ने कहा कि पुलिस बल राज्य की रीढ़ है और उससे अपेक्षा की जाती है कि वह हर परिस्थिति में तैयार और सक्षम रहे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है, लेकिन केवल बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होता। जरूरी यह है कि सभी अपने-अपने दायित्वों को ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निभाएं, तभी व्यवस्था बेहतर हो सकती है।
पुलिसकर्मियों की भूमिका पर जोर
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि पुलिसकर्मी केवल वर्दीधारी कर्मचारी नहीं होते, बल्कि वे जनता की सुरक्षा के प्रहरी होते हैं। ऐसे में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित और तैयार रहें। उन्होंने संकेत दिया कि उपमुख्यमंत्री का बयान किसी को अपमानित करने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का एहसास दिलाने के लिए था। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण पर ध्यान दे रही है। आधुनिक हथियार, तकनीक और प्रशिक्षण के जरिए पुलिस को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि अपराध और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
नीट छात्रा रेप मामले पर सरकार का रुख
नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुए रेप मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार इस घटना को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके मुताबिक, कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
विपक्ष पर तंज
राजनीतिक सवालों पर भी मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपनी बात रखी। तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसका कोई खास मतलब नहीं है। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब किसी पार्टी में नेतृत्व पहले से ही एक ही परिवार के लोगों के बीच तय हो, तो फिर पद और औपचारिक घोषणाओं का क्या महत्व रह जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टियों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया केवल दिखावे तक सीमित रह जाती है। मंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब पहले से तय है कि राजा का बेटा ही राजा बनेगा, तो ताजपोशी की औपचारिकता महज रस्म अदायगी बनकर रह जाती है।
राजनीति और प्रशासन के बीच संतुलन
दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार का ध्यान राजनीति से ज्यादा प्रशासन और जनता की सुरक्षा पर है। कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है, लेकिन सरकार का काम जवाब देने के साथ-साथ काम करके दिखाना है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी छूट दी गई है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।
आगे की राह
मंत्री के बयान से साफ है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है। पुलिसकर्मियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक सभी से जिम्मेदारी और ईमानदारी की अपेक्षा की जा रही है। वहीं, राजनीतिक बयानबाजी के बीच सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि अपराध पर नियंत्रण और न्याय दिलाना उसकी प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार अपने इन दावों को जमीनी स्तर पर किस तरह लागू करती है।

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