सीवान में पत्रकार पर जानलेवा हमला, हमलावरों ने मारी गोली, गंभीर हालत में पटना रेफर
सीवान। जिले में गुरुवार देर रात एक स्थानीय पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। अज्ञात हमलावरों ने बाइक से पीछा कर पत्रकार को गोली मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घायल पत्रकार एक स्थानीय हिंदी समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार वे गुरुवार रात एक सामाजिक कार्यक्रम से लौटकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार दो अपराधियों ने उन पर अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगते ही पत्रकार सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तत्काल सीवान सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर बताते हुए प्राथमिक उपचार किया और बेहतर इलाज के लिए तुरंत पटना रेफर कर दिया। सूत्रों के अनुसार उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। परिजन और सहयोगी लगातार स्वास्थ्य अपडेट ले रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ भी की जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक हमले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। व्यक्तिगत रंजिश, पेशेगत कारण या अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस घटना के बाद जिले के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। सीवान में पत्रकारों पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। वर्ष 2016 में वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। उस घटना के बाद भी पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी थी। ताजा हमला एक बार फिर कानून व्यवस्था और मीडिया कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। फिलहाल सभी की निगाहें घायल पत्रकार की सेहत पर टिकी हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।


