LJP (R) 23 जनवरी को कराएगा दलित-अतिपिछड़ा सम्मेलन, चिराग पासवान के नेतृत्व में इसी समीकरण से बदलेगा बिहार का सत्ता
पटना। लोजपा (रामविलास) दलित व अतिपिछड़ों को राष्ट्र के मुख्यधारा से जोड़ेगी। अतिपिछड़ों को सत्ता और संपत्ति संख्या के अनुरूप भागीदारी सुनिश्चित करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने इस समाज के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष करने का कार्यक्रम तैयार किया है। उक्त बातें शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. सत्यानंद शर्मा पार्टी मुख्यालय में आहूत दलित-अतिपिछड़ों के प्रतिनिधियों की बैठक में कहा।
उन्होंने कहा कि चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा है कि जिस समाज को साजिश के तहत सत्ता से दूर रखा गया है (देश की बड़ी आबादी जो कुल आबादी का 36% है), को आज तक सत्ता के गलियारे में फटकने भी नहीं दिया, उसे सत्ता पर काबिज कराएंगे। डॉ. शर्मा ने कहा कि दलित-अतिपिछड़ों का नया इतिहास गढ़ने की जरूरत है। डॉ. लोहिया ने भविष्यवाणी किया था कि सत्ता ऊंची जाति के हाथ से निकलकर पिछड़ों के हाथ में जायेगा और यदि पिछड़ों ने दलितों और अतिपिछड़ों को सत्ता में बराबर का भागीदार नहीं बनाया तो पिछड़ों के हाथ से सत्ता निकलकर दलित, अतिपिछड़ा और स्वर्णों के हाथ चला जायेगा। वहीं समय और काल से हम सब गुजर रहे हैं।


उन्होंने जोर देकर कहा कि चिराग पासवान के नेतृत्व में इसी समीकरण से सत्ता बदलेगा और हम सत्ता पर काबिज होंगे। 23 जनवरी को दलित-अतिपिछड़ा सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर कोर कमिटी का गठन किया गया है, जिसमें रामभरोस शर्मा, प्रो. रामप्रवेश यादव, अनिल कुमार पासवान, नंद किशोर यादव, कचहरी पासवान, मो. सलाम, प्रणव कुमार, प्रो. सती रमन, अंजू गुप्ता, उषा देवी सदस्य बनाए गए हैं।
बैठक की अध्य्क्षता प्रो. रामप्रवेश यादव और संचालन रामभरोस शर्मा ने किया। बैठक को युवा लोजपा (रा) के राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार पासवान, दिनेश शर्मा, कामता प्रसाद चंद्रवंशी, रामानंद शर्मा, धनंजय शर्मा, डॉ. राम राज शर्मा, बिपिन पासवान सहित अनेकों वक्ताओं ने संबोधित किया।

