February 13, 2026

मध्य दिसंबर में बोधगया आएंगे बौद्ध गुरु दलाई लामा : सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम, 47 देश के श्रद्धालु सुनेगे प्रवचन

गया। बिहार के गया जिलें में 14वां बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा का आगमन होने वाला है। बता दे की बौद्ध धर्म आधुनिक गुरु दलाई लामा 15 से 20 दिसंबर तक बोधगया पहुचेंगे। उनके आगमन का फाइनल डेट सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है, परंतु 15 से 20 दिसंबर के बीच दलाई लामा का आगमन तय माना जा रहा है। वह हिमाचल प्रदेश के शिमला से आ रहे हैं। यहीं वजह की ज्ञान की नगरी पर्यटन सीजन से धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। सीजन का लाभ उठाने के लिए कारोबारी तन मन धन से जुड़ गए हैं। वही दलाई लामा के आगमन को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुसैद है। इसी दौरान बोधगया के VIP मूवमेंट भी बढ़ती जा रही है। बता दे की दलाई लामा 29 से 31 दिसंबर तक बोधगया कालचक्र में अपने भक्तों को अत्याध्यामिक प्रशिक्षण देंगे व नए साल में पहली जनवरी को उनके लंबी आयु के लिए बोधगया के महाबोधी मंदिर में विशेष पूजा होगी। यह पूजा कालचक्र मैदान में भी होगी। इससे पूर्व 20 दिसंबर को दलाई लामा का एक महत्वपूर्ण प्रोग्राम इंटरनेशनल सॉन्ग करेंगे। यह कार्यक्रम महाबोधि संस्कृति केंद्र में होगा। दलाई लामा इंटरनेशनल सॉन्ग के कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, अरुणाचल प्रदेश के CM सहित कई राज्य के सीएम मौजूद होंगे। वहीं, इस कार्यक्रम 30 देशों श्रद्धालु सहित कई वीआईपी मौजूद रहेंगे।

वही इस अहम कार्यक्रम में 30 देशों के 2500 लोग शामिल होंगे। श्रीलंका, जापान, कोरिया, वियतनाम, के श्रद्धालु इसमें प्रमुख रूप से भाग लेंगे। 23 दिसंबर को इस कार्यक्रम का समापन दलाई लामा की उपस्थिति में किया जाएगा। दलाई लामा हमेशा की तरह इस बार भी तिब्बती बौद्ध मंदिर में प्रवास करेंगे। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर अभेद्य तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि दलाई लामा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में न केवल प्रवास करेंगे बल्कि प्रवचन भी देंगे। दलाई लामा की सुरक्षा 3 लेयर सिक्योरिटी के तहत होगी। इसके लिए केंद्रीय व स्टेट फोर्स के जवान के साथ बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वायड की तैनाती की जाएगी। इस बार 47 देश के श्रद्धालु एक साथ प्रवचन सुन सकेंगे। दलाई लामा का प्रवचन 20 से ज्यादा भाषाओं में एफएम रेडियो पर सुनाया जाएगा। बौद्ध धर्म गुरु का प्रवचन इंडोनेशियन, जर्मन, रशियन, स्पेनिश, मोलिस, कोरिया, फ्रांसीसी, चीनी, वियतनाम, हंगरी और नेपाली लद्दाख भाषा में सुना जा सकता है।

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