पटना सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, सातवीं बार दहशत; पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, पेशी पर संशय
पटना। राजधानी पटना स्थित पटना सिविल कोर्ट को गुरुवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी ई-मेल के माध्यम से भेजी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमा सक्रिय हो गया तथा सुरक्षा कारणों से अदालत को दोपहर बाद खोलने का निर्णय लिया गया। फिलहाल पूरे परिसर की सघन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि धमकी भरे मेल की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस बल को तत्काल मौके पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही नियमित कार्यवाही शुरू की जाएगी। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर के अंदर और आसपास की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गौरतलब है कि यह सातवीं बार है जब पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। लगातार मिल रही धमकियों से न्यायालय परिसर में कामकाज प्रभावित हो रहा है और वकीलों में रोष व्याप्त है। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई या आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी पटना, दानापुर और किशनगंज सिविल कोर्ट को इसी प्रकार की धमकी मेल के जरिए मिली थी। मेल में लिखा गया था कि ठीक 1 बजे कोर्ट परिसर में पांच बम धमाके किए जाएंगे। संदेश में आपत्तिजनक नारे भी लिखे गए थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई थी। उस समय भी एहतियातन अदालत परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया था और पुलिस ने आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। पूरे परिसर को सील कर तलाशी अभियान चलाया गया था, हालांकि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था। लगातार दूसरे दिन मिली धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। साइबर सेल को भी इस मामले में सक्रिय किया गया है ताकि धमकी भरे ई-मेल की उत्पत्ति और भेजने वाले की पहचान की जा सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है और सर्वर तथा आईपी एड्रेस की जानकारी जुटाई जा रही है। इस बीच, गुरुवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की अदालत में पेशी निर्धारित थी। धमकी मिलने के बाद उनकी पेशी किस समय होगी, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे पहले भी बुधवार को उनके मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन बम की धमकी के कारण उसे टाल दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू को भी ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। अदालत परिसर में मौजूद वकीलों ने पुलिस प्रशासन से नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बार-बार धमकियां मिलना और हर बार कामकाज ठप होना न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर रहा है। कुछ वकीलों ने पुलिस से तीखी बहस भी की और सवाल उठाया कि आखिर अब तक धमकी देने वालों तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच सकी है। उनका यह भी कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो इससे न्याय व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सहयोग करने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।


