पटना सिविल कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, प्रशासन में हड़कंप, खाली कराया गया परिसर
पटना। राजधानी पटना के सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। बुधवार को मिली यह धमकी बीते कुछ दिनों में छठी बार बताई जा रही है। लगातार मिल रही ऐसी चेतावनियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल हरकत में आ गए और पूरे न्यायालय परिसर को एहतियातन खाली करा दिया गया।
धमकी मिलते ही बढ़ी हलचल
सूत्रों के अनुसार, सिविल कोर्ट परिसर में बम होने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया और किसी भी व्यक्ति के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई। अदालत में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, दंगा नियंत्रण बल और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया। परिसर के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ली गई। संदिग्ध वस्तुओं की पहचान के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। अदालत के गलियारों, कक्षों और पार्किंग क्षेत्र की भी गहन जांच की गई। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी।
लगातार छठी बार मिली धमकी
बताया जा रहा है कि यह छठी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। दो दिन पहले भी इसी तरह की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। इससे पहले मिली धमकियां जांच के बाद अफवाह साबित हुई थीं, लेकिन प्रशासन इस बार भी किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
कोर्ट परिसर खाली, कामकाज प्रभावित
बम की सूचना के बाद व्यवहार न्यायालय परिसर को पूरी तरह खाली करा दिया गया। अधिवक्ताओं और वादियों को बाहर निकाल दिया गया। कई मामलों की सुनवाई बाधित हुई। अधिवक्ताओं के बीच इस बात को लेकर नाराजगी देखी गई कि बार-बार ऐसी घटनाओं से न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रवेश पर सख्ती, पहचान जांच अनिवार्य
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की पहचान जांच की जा रही है। वाहनों की भी तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि धमकी किस माध्यम से दी गई और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।
ईमेल के जरिए पहले भी मिल चुकी है धमकी
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भी अदालत को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी। जांच के बाद वह सूचना फर्जी निकली थी। बावजूद इसके, बार-बार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं यह किसी शरारती तत्व का काम तो नहीं, जो न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालना चाहता हो।
अधिकारियों ने कहा, गंभीरता से हो रही जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच पूरी होने तक कोर्ट परिसर में सामान्य गतिविधियां बहाल नहीं की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच एजेंसियां डिजिटल और तकनीकी माध्यमों से भी यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी का स्रोत क्या है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यायालय जैसे संवेदनशील स्थल पर बार-बार ऐसी चेतावनियां मिलना चिंता का विषय माना जा रहा है। अधिवक्ताओं और आम नागरिकों का कहना है कि न्यायालय परिसर में स्थायी और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में
हालांकि अभी तक किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। जांच पूरी होने के बाद ही अदालत की नियमित कार्यवाही फिर से शुरू की जाएगी। फिलहाल पटना सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है और अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। लगातार मिल रही धमकियों के बीच प्रशासन की प्राथमिकता न्यायिक परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना और धमकी देने वालों तक पहुंचना है।


