January 23, 2026

पटना में टैक्स एसेसमेंट के लिए नगर निगम घर-घर करेगी सर्वे, नई संपत्तियों की करेगी पहचान, 31 तक पूरा होगा काम

पटना। राजधानी पटना में प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को दुरुस्त करने और छूटी हुई संपत्तियों को कर दायरे में लाने के लिए पटना नगर निगम ने एक व्यापक अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत नगर निगम की टीमें सभी वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। इस अभियान का मकसद नई और अब तक पंजीकृत न हुई संपत्तियों की पहचान करना, उनका सही आकलन करना और टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। नगर निगम ने इसके लिए स्पष्ट समय सीमा भी तय कर दी है।
नगर आयुक्त के निर्देश और समय सीमा
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह सर्वे पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। उनके अनुसार 31 जनवरी तक नगर निगम क्षेत्र में मौजूद नई संपत्तियों की पहचान कर ली जानी है। इसके बाद 28 फरवरी तक पटना नगर निगम क्षेत्र की सभी संपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी होगी। तय समय सीमा में काम पूरा न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
तीन स्तरों पर गठित की गई टीमें
सर्वे और टैक्स एसेसमेंट की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने तीन लेवल पर टीमों का गठन किया है। इसमें अंचल स्तर, वार्ड स्तर और सेक्टर स्तर की टीमें शामिल हैं। इन तीनों स्तरों पर अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं, ताकि सर्वे के दौरान कोई संपत्ति छूट न जाए और जानकारी का सही मिलान हो सके।
अंचल स्तर की टीम की भूमिका
प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारण के लिए अंचल स्तर की टीम को सबसे अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस टीम में कार्यपालक पदाधिकारी, सिटी मैनेजर, राजस्व पदाधिकारी और मुख्य सफाई निरीक्षक शामिल होंगे। यह टीम सर्वे के दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर संपत्तियों का मूल्यांकन करेगी और टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संपत्ति का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक, क्योंकि उसी के अनुसार टैक्स की दरें तय होती हैं।
वार्ड स्तर पर घर-घर सर्वे
वार्ड स्तर की टीम में सफाई कर्मी और एक सहयोगी कर्मी को शामिल किया गया है। ये कर्मचारी सीधे घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। उनका काम यह पता लगाना होगा कि किस वार्ड में कितनी संपत्तियां हैं, कौन-सी संपत्तियां अब तक कर दायरे में नहीं आई हैं और कहां पर नई निर्माण गतिविधियां हुई हैं। इस स्तर पर जुटाई गई जानकारी आगे की प्रक्रिया के लिए आधार बनेगी।
सेक्टर स्तर पर निगरानी और समन्वय
सेक्टर स्तर की टीम में वरीय नोडल पदाधिकारी, सफाई इंस्पेक्टर और जोनल पदाधिकारी होंगे। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वार्ड और अंचल स्तर पर किए जा रहे सर्वे की निगरानी की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सर्वे के दौरान नियमों का पालन हो और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। सेक्टर स्तर की टीम विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय का काम भी करेगी।
कानूनी प्रावधान और टैक्स भुगतान की जिम्मेदारी
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 और इसके तहत अधिसूचित बिहार नगरपालिका प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारण, संग्रहण और वसूली नियमावली 2013 के अनुसार सभी संपत्तिधारकों को अपनी संपत्ति का टैक्स समय पर निर्धारित कराना और भुगतान करना अनिवार्य है। इसके अलावा पटना नगर निगम कर और गैर-कर राजस्व वसूली विनियम 2013 के तहत भी कर भुगतान की जिम्मेदारी तय की गई है। टैक्स न देने या गलत जानकारी देने पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई का प्रावधान है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान की सुविधा
नगर निगम ने टैक्स भुगतान को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। संपत्तिधारक नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा ऑफलाइन भुगतान की सुविधा भी निगम कार्यालयों और निर्धारित केंद्रों पर उपलब्ध है। खास बात यह है कि नगर निगम की डोर टू डोर कचरा संग्रहण गाड़ियों पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं। नागरिक इस क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे टैक्स का भुगतान कर सकते हैं, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नई संपत्तियों की पहचान क्यों जरूरी
नगर निगम का मानना है कि शहर में तेजी से हो रहे निर्माण और विस्तार के कारण कई संपत्तियां अब तक कर दायरे में नहीं आ सकी हैं। इससे निगम के राजस्व पर असर पड़ता है। नई संपत्तियों की पहचान कर टैक्स एसेसमेंट करने से निगम की आय बढ़ेगी, जिसका उपयोग सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर किया जा सकेगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
पटना नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे टीमों को सही जानकारी दें और सहयोग करें। संपत्ति से जुड़ी सही जानकारी देने से टैक्स निर्धारण में पारदर्शिता रहेगी और भविष्य में किसी तरह की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी से भी बचा जा सकेगा। निगम ने यह भी कहा है कि सर्वे के दौरान किसी भी तरह की शिकायत होने पर नागरिक संबंधित जोनल कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।
शहर के विकास से जुड़ा अभियान
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल टैक्स वसूली के लिए नहीं, बल्कि शहर के समग्र विकास से भी जुड़ा हुआ है। जब सभी संपत्तियां कर दायरे में होंगी, तो राजस्व बढ़ेगा और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे पटना को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने में मदद मिलेगी। पटना नगर निगम द्वारा शुरू किया गया यह घर-घर सर्वे और टैक्स एसेसमेंट अभियान शहर की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। तय समय सीमा में काम पूरा होने पर न सिर्फ नई संपत्तियों की पहचान होगी, बल्कि टैक्स प्रणाली भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।

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