दिल्ली में कोरोना विस्फोट: एक सप्ताह में सामने आए 99 नए मामले, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर सिर उठाता दिखाई दे रहा है। दिल्ली में भी कोविड-19 के मामलों में अचानक वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में ला दिया है। बीते एक सप्ताह में राजधानी में 99 नए मामले सामने आए हैं, जिससे लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।
एक सप्ताह में आए करीब 100 नए मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 104 हो गई है। इनमें से 99 मामले 19 मई के बाद दर्ज किए गए हैं। इस उछाल ने सरकारी महकमे की चिंता को बढ़ा दिया है, क्योंकि लंबे समय बाद राजधानी में एक साथ इतने केस सामने आए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकतर मामलों में लक्षण बेहद हल्के हैं और मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं।
अस्पतालों को मिली सख्त हिदायत
दिल्ली सरकार ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कोरोना से निपटने के लिए सभी जरूरी संसाधनों जैसे बेड, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, जरूरी दवाइयां और टीकों की पर्याप्त व्यवस्था रखें। इसके अलावा अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री का बयान और सरकारी तैयारियां
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकार पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही सभी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों, चिकित्सकों और स्टाफ के साथ समन्वय कर लिया है ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी रूप से निपटा जा सके। उनका कहना है कि जनता को समय-समय पर सही और सटीक जानकारी दी जाएगी और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर
कोरोना के नए वेरिएंट्स की पहचान के लिए दिल्ली सरकार ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे कोविड पॉजिटिव पाए गए सभी नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए लोक नायक अस्पताल भेजें। इसका उद्देश्य वायरस के संभावित नए रूपों को समय रहते पहचानना है ताकि रणनीति उसी आधार पर तैयार की जा सके।
जनता के लिए एहतियात जरूरी
हालांकि सरकार की ओर से यह कहा गया है कि मामले गंभीर नहीं हैं, फिर भी विशेषज्ञों की राय में लोगों को एहतियात जरूर बरतनी चाहिए। मास्क का प्रयोग, हाथों की सफाई और भीड़भाड़ से बचाव जैसी साधारण सावधानियां अब भी जरूरी हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चों और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
तीन साल बाद दोबारा डर
दिल्ली में करीब तीन सालों बाद फिर से इस तरह के केस सामने आए हैं। पिछली बार के अनुभवों को देखते हुए सरकार कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहती। कोविड-19 ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि महामारी अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है और थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।


