पटना और नालंदा जिला के बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के बीच तनातनी, ग्रामीणों का आरोप-पंडारक के सीओ साहब टालमटोल कर रहे
- गांव बचाने को बांध काटने पहुंचे थे, प्रशासन ने पहुंच कर मामला शांत कराया
बाढ़। नालंदा और पटना जिला के सीमा पर स्थित बटेरिया बिगहा गांव के पास दोनों जिले के कई गांव के लोगों के बीच उस समय तनातनी हो गई, जब बेलछी थाना क्षेत्र के कोरारी, जोधन बीघा, बंदी चक और मोगलानी गांव के लगभग 50 की संख्या में ग्रामीण बाढ़ के पानी से अपने गांव को बचाने के लिए बांध काटने पहुंच गए। नालंदा के बिंद थाना और पटना के बेलछी अंचलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
दरअसल, नालंदा से पटना जिला के बेलछी प्रखंड होकर गुजरने वाली पंचाने नदी इस वक्त उफान पर है। पंचाने नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण बेलछी प्रखंड के कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। कई गांवों व घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। आश्चर्य की बात यह है कि सीएम नीतीश के दिशा निर्देश के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक बाढ़ प्रभावितों को किसी तरह की राहत सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे आक्रोशित ग्रामीण अपने गांव को बचाने के लिए एक बांध को काटना जरूरी समझे और बांध काटने पहुंच गए।
वहीं बाढ़ से प्रभावित होने वाले बटेरिया बीघा, जगजानपुर, भामनचक और बकरा-मकनपुर गांव के ग्रामीणों ने बांध काटने का जमकर विरोध किया। जिससे दोनों जिले के कई बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों के बीच तनातनी बढ़ गई। वहीं खबर पाकर आनन-फानन में दोनों जिला के प्रशासन घटनास्थल पर पहुंची और मामले को शांत कराया। इस तरह बांध काटे जाने से बच गया।
पंडारक प्रखंड का हाल : सीओ साहब टालमटोल कर रहे, कह रहे हैं 2 दिन में पानी घट जाएगा


वहीं दूसरी ओर पटना के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत पंडारक प्रखंड के कई गांव में बाढ़ का पानी आ जाने के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित मुगलानी चक गांव है, जहां 6 से 7 फीट पानी भर गया है। पानी से घिरे रहने के कारण लोगों को गांव से बाहर निकलने के सौ मर्तबा सोचना पड़ रहा है। गांव से 2 किलोमीटर की दूरी पर सड़क है और वहां तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को कोई साधन जिला प्रधासन की ओर से उपलब्ध नहीं कराया गया है। अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो डॉक्टर के पास खाट पर ही लोग लेकर आते हैं। वहीं बाढ़ से प्रभावित होने के कारण गांव के दर्जनों ग्रामीण पंडारक प्रखंड कार्यालय पहुंच अंचलाधिकारी से नाव की मांग किया है। अंचलाधिकारी का कहना है कि वह गांव का सर्वे करवा नाव दे देंगे।
इधर, ग्रामीणों का आरोप है कि सीओ साहब टालमटोल कर रहे हैं और कह रहे हैं कि 2 दिन में पानी घट जाएगा लेकिन पानी लगातार बढ़ रहा है। कहा कि सीओ साहब कब सर्वे कराएंगे और कब हम लोगों को नाव मुहैया होगी।

