प्रदेश की सरकारी बसों में महिलाओं, विद्यार्थी और ट्रांसजेंडर समुदायों को सस्ते में मिलेगा पास, यात्रा होगी आसान
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम और किफायती बनाने के लिए सिटी बस सेवा में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब महिलाओं, विद्यार्थियों और ट्रांसजेंडर समुदाय को रियायती पास की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक आसान और सुलभ होगी। यह योजना राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में लागू की जाएगी।
सभी प्रकार की बसों में रियायती पास
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की सभी बसों में यह सुविधा लागू होगी। यह छूट न केवल नॉन-एसी बल्कि एसी बसों में भी मिलेगी, जिससे सभी यात्रियों को लाभ होगा। सरकार ने एसी और नॉन-एसी बसों के लिए अलग-अलग पास की दरें निर्धारित की हैं। इस योजना के तहत महिलाओं को विशेष छूट मिलेगी, जिसमें सीट आरक्षण के साथ ही उनके किराए में भी कमी की गई है।
विद्यार्थियों को सस्ती यात्रा का लाभ
कॉलेज और स्कूल के छात्र-छात्राओं को भी अब सस्ती दरों पर मासिक बस पास उपलब्ध होगा। यह सुविधा उन विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगी जो रोजाना स्कूल और कॉलेज जाने के लिए बस का उपयोग करते हैं। अब वे कम खर्च में सुगमता से अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
पास प्राप्त करने के आसान विकल्प
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मासिक पास प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब यह पास ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध होगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के ‘चलो एप’ के माध्यम से यात्री अपने मोबाइल पर ही पास खरीद सकते हैं। वहीं, जो लोग ऑफलाइन पास लेना चाहते हैं, वे बांकीपुर बस स्टैंड से इसे प्राप्त कर सकते हैं।
बसों में आधुनिक सुविधाएं
नई बस सेवा के तहत यात्रियों को अधिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सभी बसों में GPS सिस्टम लगाया गया है, जिससे बस की रियल टाइम लोकेशन देखी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, क्यूआर कोड की सुविधा भी दी गई है, जिससे यात्री अपनी बस का लाइव लोकेशन ट्रैक कर सकेंगे। यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए बसों में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। इसके अलावा, यात्री बारकोड स्कैन करके ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं और कार्ड के माध्यम से भी टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
बिहार सरकार का यह कदम महिलाओं, विद्यार्थियों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। इससे न केवल उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सस्ती होगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राज्य में यातायात व्यवस्था को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।


