January 29, 2026

सहरसा में बोलेरो और ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर, बोलेरो के परखच्चे उड़े, दो की मौत, दो बच्चों की हालत गंभीर

सहरसा। जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। यह भीषण दुर्घटना एनएच-107 पर बौजनाथपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोमवार देर रात हुई। बोलेरो और ट्रैक्टर की आमने-सामने टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
पूजा कर लौट रहा था परिवार
यह दुर्घटना उस समय हुई जब सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के लगमा गांव निवासी एक परिवार सावन की सोमवारी पर पूजा कर मधेपुरा के प्रसिद्ध बाबा सिंघेश्वर स्थान से लौट रहा था। परिवार के सदस्य बोलेरो वाहन से अपने घर की ओर जा रहे थे। रात के समय तेज रफ्तार में बोलेरो और ट्रैक्टर की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
मृतकों की पहचान और स्थिति
इस हादसे में बोलेरो चालक हरि साह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, एक महिला यात्री रूपा देवी ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। ये दोनों हादसे का सबसे ज्यादा शिकार हुए। बोलेरो की हालत से ही दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे उसमें फंसे लोगों को निकालना भी कठिन हो गया था।
घायल बच्चों की हालत चिंताजनक
दुर्घटना में दो मासूम बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। चिकित्सक लगातार उनका इलाज कर रहे हैं, परंतु स्थिति गंभीर बनी हुई है। बच्चों की पहचान और उम्र की जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है, लेकिन उनका परिवार गहरे सदमे में है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही बौजनाथपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। साथ ही प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और दुख
यह हादसा जैसे ही सामने आया, स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को इस घटना का कारण बताया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में यातायात नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल
यह दुर्घटना एक बार फिर बिहार में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े कर रही है। रात के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और पर्याप्त रोशनी व संकेतकों की कमी ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार मानी जाती है। ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहन अक्सर बिना रजिस्ट्रेशन या नियमों की अनदेखी करते हुए चलाए जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे होते हैं। सहरसा में घटित यह सड़क दुर्घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। सावधानी और नियमों का पालन जीवन की रक्षा का सबसे अहम उपाय है। प्रशासन को चाहिए कि वह ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करे और ऐसे संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

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