प्रदेश में तापमान गिरने से बढ़ी ठंड: तापमान में भारी गिरावट, गया सबसे ठंडा, पटना में सिहरन का एहसास
पटना। बिहार में मौसम ने करवट ले ली है। नवंबर के शुरुआती दिनों में ही राज्य में ठंड ने दस्तक दे दी है और तापमान तेजी से नीचे गिरने लगा है। उत्तर-पश्चिम से चल रही ठंडी हवाओं ने पूरे प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ा दिया है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जो आमतौर पर दिसंबर के अंत या जनवरी में देखने को मिलता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और ठंड बढ़ने की चेतावनी दी है।
तापमान में भारी गिरावट, गया सबसे ठंडा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को गया जिले के कोंच प्रखंड में राज्य का सबसे न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, लगभग 25 जिलों में रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे चला गया। पटना का न्यूनतम तापमान 13.4°C, पश्चिम चंपारण में 11.8°C, पूर्वी चंपारण में 12°C, रोहतास में 12.1°C, नवादा में 12.7°C और बक्सर में 13°C दर्ज किया गया। गया, औरंगाबाद, शेखपुरा और कैमूर में भी ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। झारखंड की सीमा से सटे जिलों में सर्द हवाओं का प्रभाव ज्यादा है, जबकि सीमांचल और उत्तर बिहार के जिलों में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा अधिक बना हुआ है।
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही पछुआ हवाओं ने तापमान में गिरावट की मुख्य भूमिका निभाई है। इन हवाओं की रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जिससे रात में सिहरन और सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है। विंड पैटर्न में बदलाव के कारण बिहार में शुष्क और ठंडी हवाएं सक्रिय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन हवाओं की वजह से अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की और गिरावट हो सकती है।
सुबह-शाम बढ़ेगा कोहरा और कुहासा
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले 48 से 72 घंटों में राज्य में कोहरे और कुहासे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। खासकर गया, नालंदा, भोजपुर, रोहतास, पटना और शेखपुरा में सुबह के समय दृश्यता बहुत कम रहने की संभावना है। दिन के समय धूप निकलेगी, लेकिन घने कोहरे के कारण सूर्य की किरणें धरती तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएंगी। इस वजह से दिन का तापमान भी अस्थिर बना रहेगा। धूप की कमी के कारण दिन में भी ठंड का एहसास बना रहेगा।
सर्दी के साथ बढ़ा प्रदूषण का स्तर
ठंड के साथ-साथ बिहार की राजधानी पटना समेत कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। मौसम में नमी और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं। पटना के सम्मनपुर क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 293 दर्ज किया गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं दानापुर का एक्यूआई 212 और गया कलेक्ट्रेट क्षेत्र में ‘खराब’ स्तर का प्रदूषण दर्ज किया गया है। यह स्थिति बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
लोगों की दिनचर्या पर असर
सर्दी बढ़ने के साथ ही लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर कम भीड़ देखी जा रही है। लोग गर्म कपड़े, स्वेटर और जैकेट निकालने लगे हैं। कई इलाकों में अब रजाई और कंबल का इस्तेमाल शुरू हो गया है। छात्रों के लिए सुबह का स्कूल जाना कठिन हो गया है। वहीं, कामकाजी लोग सुबह की ठंडी हवाओं के कारण देर से घर से निकल रहे हैं। चाय और समोसे की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है, जबकि धूप निकलने के समय लोग घरों की छतों पर बैठकर सर्दी का आनंद ले रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
ठंड और प्रदूषण के संयुक्त प्रभाव को लेकर डॉक्टरों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक गिरावट और हवा की खराब गुणवत्ता से सर्दी, खांसी, अस्थमा और एलर्जी जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय मास्क पहनने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचाव करने की सलाह दी है। साथ ही बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
किसानों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों को भी चेतावनी दी है कि तापमान में गिरावट और घनी धुंध का असर फसलों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से रबी फसलों के लिए नमी और कोहरे की स्थिति नुकसानदेह हो सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए रात में खेतों में सिंचाई करें ताकि तापमान में कमी से फसल को नुकसान न पहुंचे।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। उत्तर बिहार के जिलों में रात का पारा 9 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं दक्षिणी जिलों में भी तापमान 11 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन कोहरे के कारण ठंड का प्रभाव और तेज महसूस होगा। नवंबर की शुरुआत में ही बिहार में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान में तेज गिरावट और पछुआ हवाओं की रफ्तार ने सर्दी को और तीव्र बना दिया है। गया, पटना और सीमावर्ती जिलों में ठंड और कोहरे की वजह से लोगों को अब सर्दियों के मौसम की पूरी अनुभूति होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य सुरक्षा के सभी उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। सर्द हवाओं और प्रदूषण के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।


