बर्फीली हवाओं के कारण पटना समेत 19 जिलों में कोल्ड-डे का अलर्ट, अगले 48 घंटों में तेज होगी शीतलहर

पटना। बिहार में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बर्फबारी और बर्फीली हवाओं का असर राज्य के कई जिलों में महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने पटना समेत बिहार के 19 जिलों में कोल्ड-डे का अलर्ट जारी किया है। आगामी 48 घंटों में शीतलहर के और तेज होने की संभावना जताई गई है। इसको लेकर प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
ठंड और तापमान का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार के किशनगंज जिले में सबसे अधिक ठंड और ठिठुरन देखी गई। बांका और डेहरी में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। वहीं, पटना में न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, दिन का अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री तक पहुंचा। राज्य के अन्य हिस्सों में भी ठंड ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है।
कोल्ड-डे का क्या है मतलब?
मौसम विभाग किसी स्थान पर “कोल्ड डे” तब घोषित करता है जब लगातार दो दिनों तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम रहता है। पटना और अन्य जिलों में इसी तरह के तापमान दर्ज किए जाने के कारण कोल्ड-डे घोषित किया गया है।
धूप में भी ठिठुरन
पटना और अन्य जिलों में दिनभर धूप और धुंध के बीच संघर्ष जारी रहा। धूप कभी-कभार निकलती जरूर थी, लेकिन उसका असर बिल्कुल नहीं था। लोग दिनभर ठिठुरन भरी ठंड से जूझते रहे। धूप के बावजूद ठंडी हवाएं लोगों को ठंड का एहसास कराती रहीं।
फसलों और पशुओं पर असर
मौसम विभाग ने शीतलहर के कारण फसलों और पशुओं पर संभावित प्रभाव को लेकर भी एडवाइजरी जारी की है। ठंड के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है, जिससे किसान चिंतित हैं। पशुओं की देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
सतर्कता और बचाव
प्रशासन ने लोगों से ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की है। घरों से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। बिहार में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है और आगामी दिनों में शीतलहर के और तेज होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहना होगा। साथ ही, मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करना आवश्यक है ताकि ठंड के प्रभाव को कम किया जा सके।

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