February 16, 2026

NDA से आगे निकला CM नीतीश की पहल पर बना इंडिया, एनडीए के हिस्सा बने 25 दलों के पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं

पटना। एक तरफ इंडिया का महाबैठक हो रहा था तो दुसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार ने विपक्षी दलों की बेंगलुरु बैठक के दिन दिल्ली में NDA के 25 साल पूरे होने पर बैठक बुलाकर लोकसभा चुनाव 2024 के पूर्व अपनी एकता का प्रदर्शन किया। वही NDA की इस बैठक में 38 दलों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। दुसरी ओर इंडिया के नाम से बने विपक्षी दलों के गठबंधन में 26 पार्टी शामिल हुए। लेकिन एक बड़ी बात है कि दोनों ओर से शामिल दलों में NDA में 25 ऐसे राजनीतिक दल हैं जिनका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। यानी भले ही दलों में मामले में NDA की संख्या ज्यादा हो लेकिन इसमें ज्यादातर बिना सांसद वाले ही हैं। बता दे की NDA में शामिल घटक दलों में 25 ऐसी राजनीतिक पार्टी हैं जिनके पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है। वहीं 8 ऐसे दल हैं जिनके सांसदों की संख्या 1 है। एक पार्टी के पास 2 सांसद है। वहीं एक के पास 7 और एक दल के पास 12 सांसद हैं। वही इनके अलावा सिर्फ भाजपा ही है जिसके खाते में 301 सांसद हैं। वहीं इंडिया में शामिल दलों में 11 राजनीतिक दलों के पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है।

सबसे ज्यादा 49 सांसद कांग्रेस के पास है। वहीं DMK के पास 23, तृणमूल कांग्रेस के पास 22, जदयू के पास 16 शिवसेना (उद्धव गुट) के पास 6, NCP (शरद पवार) के पास 5, सीपीआई-एम के पास 3, समाजवादी पार्टी के पास 3, आईयूएमएल के पास 3, सीपीआई के पास 2 वहीं नेशनल कांफ्रेंस के 3 सांसद हैं। वही इसके अलावा आप, झामुमो, केरल कांग्रेस, वीसीके के सांसदों की संख्या एक-एक है। ऐसे में इंडिया के सांसदों की कुल संख्या भले ही 150 हो लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे दल हैं जिनका संसद में प्रतिनिधित्व है। वहीं NDA और इंडिया से अलग कुछ पार्टियां ऐसी हैं, जो किसी के साथ शामिल नहीं हुई हैं। इनमें मायावती की बसपा, ओडिशा की बीजू जनता दल, पंजाब की अकाली दल, तेलंगाना की तेलुगु देशम पार्टी और बीआरएस, आंध्र की वाईएसआर कांग्रेस और कर्नाटक की जनता दल (सेक्युलर) शामिल हैं। वही इन 7 पार्टियों के लोकसभा में करीब 50 सांसद हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव में ये पार्टियां बहती हवा के साथ किसी भी गठबंधन में शामिल हो सकती हैं। वही ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई तो NDA भी अपनी ताकत दिखाने लगा है। लेकिन, संसद में सदस्यों वाले दलों के मामले में फ़िलहाल इंडिया ने NDA पर बढ़त बनाई है। वहीं भाजपा नीत एनडीए ने 38 दलों को साथ में जोड़कर अपनी ताकत दिखा दी लेकिन इन दलों में ज्यादातर का अस्तित्व बेहद कम लोकसभा तक सीमित है। वहीं पंजाब, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक जैसे राज्यों के बड़े दल अभी तक न तो NDA और ना ही इंडिया में हैं।

You may have missed