बिहार में मौसम का बदला मिजाज, 38 जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
- 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 26 जिलों में पीली चेतावनी जारी
- बंगाल की खाड़ी से नमी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बढ़ी अस्थिरता, दो दिन असर ज्यादा
पटना। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के सभी 38 जिलों में आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आने वाले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का स्वरूप अस्थिर बना रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 12 जिलों के लिए नारंगी चेतावनी और 26 जिलों के लिए पीली चेतावनी घोषित की गई है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है।
किन जिलों में ज्यादा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार जिन 12 जिलों के लिए नारंगी चेतावनी जारी की गई है, वहां तेज आंधी, भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना अधिक है। इन क्षेत्रों में हवा की गति लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं 26 जिलों के लिए जारी पीली चेतावनी के तहत हल्की से मध्यम वर्षा, बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
दो दिन तक ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 27 और 28 मार्च को पूर्व-मानसून गतिविधियों का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिलेगा। इन दो दिनों के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कहीं तेज बारिश तो कहीं बूंदाबांदी और तेज हवा के साथ बादलों की गरज सुनाई दे सकती है। इस तरह के मौसम से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है, क्योंकि तेज हवा और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका रहती है।
मौसम परिवर्तन के वैज्ञानिक कारण
विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में आए इस बदलाव के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं बिहार के वातावरण में सक्रिय हो गई हैं। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी बना हुआ है। जब नमी से भरी गर्म हवाएं और ठंडी हवाएं आपस में टकराती हैं तो वातावरण में अस्थिरता बढ़ जाती है। इस अस्थिरता के कारण तेजी से बादलों का निर्माण होता है और गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की स्थिति बन जाती है। दिन और रात के तापमान में अंतर भी मौसम परिवर्तन का एक कारण माना जा रहा है। दिन के समय तापमान बढ़ने और रात में ठंडी हवाओं के चलने से ऊष्मा और नमी के बीच टकराव की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कई स्थानों पर अचानक तेज हवा और मेघगर्जन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
पटना में भी दिखेगा असर
राजधानी पटना में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप साफ तौर पर देखा जा रहा है। अगले दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। 27 मार्च को दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। 28 मार्च को भी मौसम अस्थिर बना रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि इन दिनों बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से भी बचने को कहा गया है।
गर्मी से मिल सकती है राहत
मौसम में आए इस बदलाव के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में गर्मी का असर बढ़ रहा था, लेकिन बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। हालांकि अचानक मौसम परिवर्तन से सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं, इसलिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और विभाग की अपील
मौसम विभाग और प्रशासन दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसान भाई अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों पर न करें और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। अगले दो दिनों तक बिहार में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप बना रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है। मौसम की इस गतिविधि को पूर्व-मानसून का संकेत माना जा रहा है, जो हर वर्ष इस समय देखने को मिलता है।


