February 25, 2026

पटना में चाणक्य लॉ कॉलेज की छात्र की संदिग्ध मौत से हड़कंप, हॉस्टल में फंदे से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

पटना। राजधानी पटना स्थित चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे विधि के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे विश्वविद्यालय परिसर और छात्र समुदाय में शोक और सनसनी का माहौल है। मृतक की पहचान झारखंड के रांची जिले के खलारी थाना क्षेत्र निवासी मयंक राज के रूप में हुई है, जो विश्वविद्यालय में विधि स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के छात्र थे। वे विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे। यह घटना मंगलवार को उस समय सामने आई, जब छात्रावास के कर्मचारियों ने मयंक राज को उनके कमरे में फंदे से झूलता हुआ पाया। जानकारी के अनुसार, मयंक का कमरा अंदर से बंद था और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर कर्मचारियों को संदेह हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो देखा गया कि मयंक खिड़की से लगाए गए फंदे से लटके हुए थे। यह दृश्य देखकर कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उन्हें नीचे उतारकर अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। मयंक को तुरंत इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान दोपहर बाद उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में शोक की लहर दौड़ गई और छात्र-छात्राओं में गहरा दुख और चिंता का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही जक्कनपुर थाना की पुलिस टीम फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के साथ विश्वविद्यालय छात्रावास पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने कमरे से एक पत्र, मोबाइल फोन, टैबलेट, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज बरामद किए हैं। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। प्राथमिक जांच के दौरान बरामद पत्र में कथित तौर पर प्रेम प्रसंग का उल्लेख सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पत्र से संकेत मिलता है कि मयंक अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसे आत्महत्या का मामला घोषित नहीं किया है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले मयंक की दिनचर्या कैसी थी और क्या किसी प्रकार का दबाव, विवाद या ब्लैकमेलिंग जैसी स्थिति तो नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही मयंक के परिजन भी पटना पहुंच गए। अस्पताल में मयंक की मां मधु ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया और बेटे की मौत पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा पढ़ाई में मेधावी था और भविष्य को लेकर गंभीर था, इसलिए वह ऐसा कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इसके अलावा जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले मयंक की किससे बातचीत हुई थी और क्या उन्होंने कोई संदेश या संकेत छोड़ा था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पुलिस जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों ने बताया कि मयंक शांत स्वभाव के छात्र थे और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते थे। हालांकि, कुछ छात्रों का कहना है कि हाल के दिनों में वे थोड़े तनाव में नजर आ रहे थे, लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित कारणों जैसे मानसिक तनाव, व्यक्तिगत संबंध, आत्महत्या या किसी अन्य साजिश के पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और विश्वविद्यालयों में परामर्श व्यवस्था की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्यमय मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

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