कल पटना में मुख्यमंत्री ने बुलाई कैबिनेट बैठक, समृद्धि यात्रा से पहले कई प्रस्तावों पर लगेगी मुहर
पटना। बिहार सरकार नए साल की शुरुआत में एक बार फिर अपने विकास एजेंडे को रफ्तार देने की तैयारी में है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 13 जनवरी 2026, मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक पटना स्थित मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में सुबह 11 बजे शुरू होगी। खास बात यह है कि यह कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री की बहुचर्चित समृद्धि यात्रा से ठीक तीन दिन पहले हो रही है, ऐसे में इसके राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही मायने निकाले जा रहे हैं।
नए साल की पहली कैबिनेट बैठक
कैबिनेट सचिवालय विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ राज्य सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। नए साल की यह पहली बैठक होने के कारण स्वाभाविक रूप से इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है, जो आने वाले महीनों में राज्य की दिशा और दशा तय करेंगे।
समृद्धि यात्रा से पहले रणनीतिक बैठक
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा 16 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली है। इस यात्रा के दौरान नीतीश कुमार विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। ऐसे में 13 जनवरी की कैबिनेट बैठक को इस यात्रा की पूर्व तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधार से जुड़े प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जा सकता है, ताकि समृद्धि यात्रा के दौरान सरकार ठोस फैसलों और योजनाओं के साथ जनता के बीच जा सके।
पिछली कैबिनेट बैठक और सात निश्चय-3
राज्य सरकार की पिछली कैबिनेट बैठक 16 दिसंबर 2025 को हुई थी। उस बैठक में केवल एक एजेंडे पर फैसला लिया गया था, लेकिन वह फैसला काफी अहम माना गया। इसमें सात निश्चय-3 कार्यक्रम को मंजूरी दी गई थी, जो वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए सरकार का रोडमैप है। इससे पहले सात निश्चय के दो संस्करण 2015-2020 और 2020-2025 के दौरान लागू किए गए थे, जिनके जरिए कई सामाजिक और आर्थिक योजनाओं को अमलीजामा पहनाया गया।
दोगुना रोजगार, दोगुनी आय का लक्ष्य
सात निश्चय-3 का पहला निश्चय दोगुना रोजगार और दोगुनी आय पर केंद्रित है। इसके तहत राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का फोकस खास तौर पर गरीब और वंचित वर्गों पर है। करीब 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ने की योजना है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत महिलाओं को न केवल 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जाएगी, बल्कि स्वरोजगार शुरू करने के लिए दो लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उद्योग और निवेश पर सरकार का जोर
दूसरा निश्चय समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार से जुड़ा है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने और नई चीनी मिलों की स्थापना की योजना बनाई गई है। साथ ही सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कर निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दिशा में कुछ ठोस प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में सामने आ सकते हैं।
कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
तीसरा निश्चय कृषि क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें चौथे कृषि रोडमैप को तेजी से लागू करने पर जोर है। मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने, हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने और पंचायत स्तर पर दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने की योजनाएं शामिल हैं। चौथा निश्चय शिक्षा से संबंधित है, जिसके तहत पुराने प्रतिष्ठित संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने और नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रखंड स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी विकास और सुशासन की दिशा
सात निश्चय-3 के तहत शहरी विकास पर भी खास ध्यान दिया गया है। नए आधुनिक शहर बसाने, शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास उपलब्ध कराने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की योजनाएं इसमें शामिल हैं। इसके साथ ही तकनीक और नवाचार के जरिए सुशासन को बढ़ावा देने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है।
रोजगार और नौकरियों पर टिकी निगाहें
नए साल की पहली कैबिनेट बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा रोजगार और नौकरी से जुड़े फैसलों को लेकर है। माना जा रहा है कि संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, नई भर्तियों या रोजगार सृजन से जुड़े कुछ बड़े ऐलान हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह बैठक राज्य के युवाओं के लिए खास मायने रखेगी। 13 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक केवल एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए बिहार सरकार की प्राथमिकताओं को तय करने वाला मंच मानी जा रही है। समृद्धि यात्रा से पहले होने के कारण यह बैठक सरकार को अपनी योजनाओं को धार देने और विकास एजेंडे को नई गति देने का अवसर प्रदान कर सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस बैठक से कौन-कौन से अहम फैसले निकलकर सामने आते हैं।


