रोहतास में बस और ट्रक में सीधी टक्कर: दो शिक्षकों की मौत, 10 से अधिक बच्चे जख्मी
सासाराम। बिहार के रोहतास जिले से शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। स्कूली बच्चों से भरी एक बस, जो शैक्षणिक भ्रमण पर पटना जा रही थी, मोहनिया-आरा पथ पर तेज रफ्तार ट्रक से सीधे टकरा गई। इस भीषण हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक बच्चे और कई शिक्षक घायल हो गए। खुशियों और उत्साह से भरी यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई।
शैक्षणिक टूर बना हादसे का शिकार
यह दुर्घटना परसथुआ थाना क्षेत्र में उस वक्त हुई, जब कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय बढोना से छात्र-छात्राएं और शिक्षक बस से पटना के लिए रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि सभी बच्चे काफी उत्साहित थे और पहली बार बड़े शहर की शैक्षणिक यात्रा पर जा रहे थे। बस जैसे ही परसथुआ के पास मोहनिया-आरा पथ पर पहुंची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े चले आए। सड़क पर चीख-पुकार मच गई और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दो शिक्षकों की दर्दनाक मौत
इस भीषण हादसे में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान विशिष्ट शिक्षक संजय कुमार राय और बीएससी शिक्षक पुनीत कुमार सिंह के रूप में हुई है। संजय कुमार राय कैमूर जिले के भैंसहर गांव के निवासी थे, जबकि पुनीत कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के बगहवा गांव से ताल्लुक रखते थे। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिवारों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में अस्पताल और घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। गांवों में शोक की लहर दौड़ गई और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।
बच्चों में दहशत, अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल हुए 10 से अधिक बच्चों को तुरंत सासाराम सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तेजी से प्राथमिक उपचार शुरू किया। राहत की बात यह रही कि अधिकांश बच्चों को गंभीर चोट नहीं आई थी और प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। हालांकि, हादसे का मानसिक असर बच्चों पर साफ दिखाई दे रहा था। कई बच्चे सहमे हुए थे और लगातार रो रहे थे। बस में सवार कुछ शिक्षक भी हादसे में घायल हुए हैं। इनमें विपिन पांडे, सियानंद पटेल, लोरी सिंह और महिला शिक्षिका ललिता कुमारी शामिल हैं। सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए। उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला और एंबुलेंस व पुलिस को सूचना दी। कई लोगों ने अपनी निजी गाड़ियों से भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर मदद न मिलती तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
पुलिस ने संभाली जांच
घटना की सूचना मिलते ही परसथुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को सड़क से हटवाया ताकि यातायात बहाल हो सके। ट्रक को जब्त कर लिया गया है, जबकि उसका चालक हादसे के बाद फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खतरनाक सड़क और लापरवाह रफ्तार
स्थानीय लोगों ने मोहनिया-आरा पथ को हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बताया है। उनका कहना है कि इस सड़क पर भारी वाहनों की रफ्तार अक्सर बेलगाम रहती है। पहले भी यहां कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो गति नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम हैं और न ही प्रभावी निगरानी। लोगों का आरोप है कि ट्रक और अन्य भारी वाहन नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते हैं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मातम में बदली मासूमों की यात्रा
जो यात्रा बच्चों के लिए सीखने और घूमने का मौका लेकर आई थी, वह जिंदगी भर का डर और दर्द दे गई। दो शिक्षकों की मौत और बच्चों के घायल होने से पूरा शिक्षा समुदाय शोक में डूबा हुआ है। लोग यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक सड़कों पर लापरवाही का यह सिलसिला चलता रहेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से मृत शिक्षकों के परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। वहीं घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। यह हादसा न सिर्फ एक दुखद घटना है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि अगर समय रहते सड़क सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ऐसे मंजर बार-बार सामने आते रहेंगे।


