February 28, 2026

नागपुर दंगों के मुख्य आरोपी के घर चला प्रशासन का बुलडोजर, देशद्रोह मामले में हुई कार्रवाई

नागपुर। नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपी फहीम खान के मकान के अवैध हिस्से को नगर निगम अधिकारियो ने सोमवार को ध्वस्त करवा दिया। इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। खान पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। खान अनधिकृत ढांचे को हटाने में विफल रहा है। माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के नेता खान उन 100 से अधिक लोगों में शामिल हैं जिन्हें 17 मार्च को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में हुई हिंसा के लिए गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले नागपुर नगर निगम ने खान को एक नोटिस जारी किया था, जिसमें विभिन्न खामियों और (उनके घर के लिए) भवन योजना की मंजूरी न मिलने का हवाला दिया गया था। उन्होंने बताया कि यह मकान यहां यशोधरा नगर इलाके में संजय बाग कॉलोनी में स्थित है और खान की पत्नी के नाम पर पंजीकृत है। एमडीपी के सिटी चीफ खान फिलहाल जेल में बंद है। हिंसा 17 मार्च को तब भड़की जब अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक शिलालेखों वाली एक चादर कथित रूप से जला दी गई। झड़पों के परिणामस्वरूप शहर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी हुई। इसमें पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई संपत्तियों की कीमत दंगाइयों से वसूल की जाएगी और भुगतान न करने पर नुकसान की भरपाई के लिए उनकी संपत्तियों को जब्त कर बेचा जाएगा। फडणवीस गृह मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक पुलिस पर हमला करने के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़कर उनके साथ सख्ती से निपटा नहीं जाता।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने भड़काऊ सामग्री प्रसारित की, उन पर हिंसा भड़काने में उनकी भूमिका के लिए सह-अभियुक्त के रूप में आरोप लगाया जाएगा। फडणवीस ने यह भी कहा कि दंगों के पीछे किसी विदेशी या बांग्लादेशी लिंक पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि जांच चल रही है। उन्होंने राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार फहीम खान का नाम लिए बिना कहा, ‘हालांकि, मालेगांव कनेक्शन (हिंसा में) देखा जा सकता है, क्योंकि आरोपियों में से एक मालेगांव के एक राजनीतिक दल से संबंधित है, जिसे दंगाइयों की मदद करते देखा जा सकता है।’

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