मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया परिसर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

  • जिला न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पर आया संदिग्ध संदेश, खोजी कुत्ता दस्ता और बम निरोधक दल ने चलाया तलाशी अभियान
  • मचा हडकंप, न्यायिक कार्य अस्थायी रूप से स्थगित

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित सिविल न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार को पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पते पर भेजे गए एक संदिग्ध संदेश के माध्यम से दी गई थी, जिसमें न्यायालय परिसर में बम रखे होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह संदिग्ध ई-मेल सुबह लगभग 11 बजकर 30 मिनट पर जिला न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पर प्राप्त हुआ। संदेश मिलते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। न्यायालय परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को एहतियातन तुरंत बाहर निकाल दिया गया। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए सख्त कदम उठाए गए। घटना की सूचना फैलते ही न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोग घबराकर बाहर निकलने लगे, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। हालात को देखते हुए न्यायिक कार्यों को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने बताया कि उन्हें संदेश सेवा के समूह के माध्यम से सूचना दी गई थी कि न्यायालय के पहले सत्र का कार्य स्थगित रहेगा। उन्होंने बताया कि जब वे अपने कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था और सभी को बाहर जाने के निर्देश दिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि फाइलों के जमा करने का कार्य दोपहर तीन बजे के बाद ही शुरू किया जाएगा। वहीं, उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि बम की सूचना को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि खोजी कुत्ता दस्ता और बम निरोधक दल को तुरंत मौके पर बुलाया गया है, जो पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। प्रत्येक संदिग्ध और लावारिस वस्तु की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के खतरे को समय रहते टाला जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने न्यायालय परिसर के आसपास भी निगरानी बढ़ा दी है। आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरी तरह से संतोषजनक जांच नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से राज्य के विभिन्न जिलों के न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलती रही हैं। ऐसी घटनाओं के कारण न्यायालय परिसरों में अक्सर भय और असुरक्षा का माहौल बन जाता है। हालांकि, अब तक की जांच में अधिकांश मामलों में ये धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन प्रशासन किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं के पीछे शरारती तत्वों की संलिप्तता हो सकती है, जो समाज में भय और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ऐसे तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रयासरत है। फिलहाल, मुजफ्फरपुर सिविल न्यायालय परिसर में स्थिति नियंत्रण में है और तलाशी अभियान जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच में जुटी हुई हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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