February 20, 2026

पटना में एआई फर्जी तस्वीर से युवक ने युवती को किया ब्लैकमेल, महिला थाने में मामला दर्ज

पटना। राजधानी पटना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक 24 वर्षीय युवती ने युवक पर एआई से तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने, बदनामी फैलाने और धमकाने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवती का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है और उसके विवाह में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।
शिकायत से खुला मामला
महिला थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार आरोपित युवक का नाम ऋषि राज बताया गया है, जो जक्कनपुर थाना क्षेत्र के नवरतनपुर में किराए के मकान में रहता है। पीड़िता ने बताया कि उसका भाई पढ़ाई के सिलसिले में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी गया हुआ है। आरोप है कि ऋषि को इस बात की जानकारी थी कि घर में कोई वयस्क पुरुष सदस्य मौजूद नहीं है। इसी का फायदा उठाकर वह गलत नीयत से युवती के घर आने-जाने लगा।
परिवार की आपत्ति के बाद भी नहीं बदला व्यवहार
पीड़िता के अनुसार, जब उसकी मां ने इस बारे में आरोपित के माता-पिता, बड़े भाई और बड़ी बहन से शिकायत की, तब भी उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। उल्टे, विरोध करने पर आरोपित का रवैया और आक्रामक हो गया। शिकायत में कहा गया है कि ऋषि जबरन घर में घुस आता था, पीड़िता और उसके परिजनों के साथ भद्दी गालियां देता था और जबरन उठाकर ले जाने की धमकी भी देता था। इससे पूरे परिवार में भय का माहौल बन गया।
लगातार धमकी और मानसिक प्रताड़ना
युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपित अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उसे फोन कर धमकाता था। जब उसने कॉल का विरोध किया तो उसने परिवार के अन्य सदस्यों को भी फोन कर डराने की कोशिश की। पीड़िता का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, जिससे वह और उसकी मां लगातार मानसिक तनाव में रहने को मजबूर हो गईं।
एआई तकनीक से तैयार आपत्तिजनक तस्वीरें
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि आरोपित ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक की मदद से युवती से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कीं। शिकायत के अनुसार, इन तस्वीरों को उसने पीड़िता के मोबाइल पर भेजा और कुछ रिश्तेदारों तक भी पहुंचाया। युवती का आरोप है कि इन फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उसे बदनाम करने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। उसने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि इन घटनाओं से जुड़े कुछ तस्वीरें और वीडियो उसके पास मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच के दौरान पुलिस को सौंपेगी।
सामाजिक प्रतिष्ठा और विवाह पर असर
पीड़िता का कहना है कि आरोपित की इन हरकतों से उसकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रिश्तेदारों और समाज में गलत संदेश गया है, जिसका सीधा असर उसके विवाह संबंधी बातों पर पड़ रहा है। युवती ने पुलिस से आग्रह किया है कि मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उसकी प्रतिष्ठा की रक्षा हो सके और आगे किसी अन्य महिला के साथ ऐसी घटना न हो।
महिला थाना में दर्ज प्राथमिकी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध का नया रूप
यह मामला साइबर अपराध के उस नए और खतरनाक रूप को सामने लाता है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दुरुपयोग कर फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी की छवि खराब करने और मानसिक दबाव बनाने का आसान जरिया बनता जा रहा है। पुलिस भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील कर रही है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आम लोगों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया और मोबाइल संदेशों को लेकर सावधानी बरतें और किसी भी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। महिला थाना की ओर से बताया गया है कि पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पटना में सामने आया यह मामला न केवल एक युवती की पीड़ा को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि तकनीक के गलत इस्तेमाल से समाज में किस तरह के नए अपराध जन्म ले रहे हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस मामले में दोषियों को कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कानून के दायरे में लाया जाता है।

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