रामभक्त होने का झूठा दिखावा करती है बीजेपी, केवल चुनाव के समय ही आती है प्रभु की याद : श्रवण कुमार
पटना। 500 साल के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में रामलला के मंदिर में 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस दिन भगवान राम की मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा.इसके लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से निमंत्रण भेजने का काम चल रहा है। ऐसे में इस कार्यक्रम में जदयू को आमंत्रण मिलने के बाद उनके नेता शामिल होंगे या नहीं। इसको लेकर अब पार्टी के विधायक और राज्य के मंत्री ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि- भाजपा को सिर्फ चुनाव के समय ही राम की याद आती है। बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के विधायक श्रवण कुमार ने कहा है कि – हमलोग राम जी के असली भक्त हैं। हम कोई नकली भक्त नहीं है। ये भाजपा वाले लोग सिर्फ चुनाव के समय भक्त बनते हैं। चुनाव जब खत्म हो जाएगा तो फिर ये लोग भूल जाएंगे। भाजपा वाले कहीं हनुमान जी का, कहीं राम जी का तो कहीं अन्य देवी देवता का नाम सिर्फ चुनाव के लिए लेते रहते हैं। लेकिन, जैसे ही चुनाव में जीत हासिल हुई फिर ये सब चीज़ भूल जाते हैं। हमलोग राम के पक्षधर हैं। वहीं, अयोध्या जा रहे हैं या नहीं इस सवाल पर श्रवण कुमार ने कहा है कि- राम की पूजा अयोध्या जाकर भी की जा सकती है या घर बैठकर भी किया जा सकता है। आंख बंदकर के भी पूजा की जा सकती है। आंख खोलकर भी पूजा करते हैं। भाजपा वालों से जाकर यह पूछना चाहिए कि उनको अबतक आशीर्वाद मिला या नहीं। नकली लोग जो हैं वो सिर्फ चुनाव तक ही पूजा करते हैं। उसके बाद ये बंद हो जाता है। इससे पहले जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा है, ‘हमें अबतक आमंत्रित नहीं किया गया है, लेकिन अगर हमें निमंत्रण मिलता है, तो इसमें हमारी पार्टी बेझिझक शामिल होगी।’ कुछ दिनों पहले ही जदयू नेता ने राम मंदिर को महज कुछ लोगों का मंदिर बताया था। अब उसी के पार्टी के नेता राम मंदिर में शामिल होने के लिए अलग -अलग दलील दे रहे हैं। इसके आलावा खड़गे और नीतीश कुमार के बीच में सीट शेरिंग पर वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से बात हुई या नहीं इस सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है की बात हुई है या नहीं। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सीट शेयरिंग को लेकर इससे पहले हुई बैठक में बात स्पष्ट हो गई थी कि जल्द से जल्द सीट शेयरिंग को लेकर बात कर ली जाए। वैसे ये सब मेरे लेवल का नहीं है। गठबंधन के उच्च अधिकारियों द्वारा ये सब फैसला लिया जाएगा।


