बिहार में बर्फीली हवाओं से कड़ाके की ठंड: पटना समेत 28 जिलों में अलर्ट, ठिठुरन से नहीं मिलेगी राहत
पटना। बिहार में कड़ाके की ठंड का दौर लगातार जारी है और बर्फीली पछुआ हवाओं ने कनकनी को और तेज कर दिया है। सुबह और रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जबकि दिन में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम के इस बदले मिजाज ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में सर्द हवाओं और घने कोहरे का डबल असर देखने को मिल रहा है।
28 जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के 28 जिलों के लिए कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी गई है। वहीं 10 जिलों में हल्के कोहरे के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। ठंडी पछुआ हवाएं 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे तापमान का असर और तीखा महसूस हो रहा है।
धूप बेअसर, दिन में भी सर्दी
रविवार को राज्य के अधिकतर हिस्सों में धूप नहीं निकली। कुछ जगहों पर जहां हल्की धूप दिखी भी, वहां वह कुहासे के आगे बेअसर साबित हुई। कोहरे की मोटी परत ने सूरज की गर्माहट को जमीन तक पहुंचने नहीं दिया। इस कारण दिन के तापमान में भी अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो सकी और लोगों को पूरे दिन ठंड का एहसास बना रहा।
कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति
राज्य के कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गया में भी दिनभर ठंड का असर दिखा। पटना में अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर महज 1.7 डिग्री सेल्सियस रहा। यह स्थिति कोल्ड डे के लक्षणों को दर्शाती है।
घने कोहरे से दृश्यता पर असर
घने कोहरे के कारण दृश्यता में भारी कमी दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा घना कोहरा वाल्मीकिनगर में देखा गया, जहां दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक पहुंच गई। इससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है। राजधानी पटना में भी सुबह और देर रात घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है, जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिन में हल्की धूप की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी पटना में दिन के समय तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, लेकिन दोपहर के बाद हल्की धूप निकलने की संभावना है। हालांकि यह धूप ठंड से पूरी राहत देने में सक्षम नहीं होगी। सर्द हवाओं के कारण शरीर में ठिठुरन बनी रह सकती है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम परेशानी भरा साबित हो रहा है।
अगले एक सप्ताह का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन कुल मिलाकर ठिठुरन से राहत नहीं मिलेगी। सुबह के समय घना कोहरा और दिन में भी सर्दी का असर लगातार बना रहेगा। पहाड़ों पर जारी बर्फबारी का असर बिहार तक पहुंच रहा है, जिससे सर्द पछुआ हवाएं सक्रिय हैं।
शीतलहर की स्थिति क्यों नहीं
हालांकि ठंड का असर काफी तेज है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार बिहार में शीतलहर की औपचारिक स्थिति नहीं मानी जा रही है। इसकी वजह यह है कि न्यूनतम तापमान लगातार चार दिनों तक 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया है। इसके बावजूद मौजूदा हालात शीत दिवस जैसे महसूस हो रहे हैं, क्योंकि दिन का तापमान भी सामान्य से काफी कम बना हुआ है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है। यदि ऐसा होता है, तो ठंड का असर और बढ़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और रात के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
जनजीवन पर असर और सतर्कता की जरूरत
कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कामकाजी लोग, छात्र और बुजुर्ग सभी इस मौसम से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि ठंड में विशेष सावधानी बरती जाए, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए। कुल मिलाकर, बिहार में बर्फीली हवाओं और कोहरे के इस दौर ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में भी सर्दी से राहत की उम्मीद कम ही है।


