January 7, 2026

सुशील मोदी की जयंती पर पटना में भव्य कार्यक्रम, सीएम नीतीश ने श्रद्धांजलि देकर किया नमन

पटना। बिहार की राजधानी पटना में आज श्रद्धेय सुशील कुमार मोदी की जयंती के अवसर पर भावपूर्ण और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजेंद्र नगर स्थित सुशील मोदी पार्क में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सुशील कुमार मोदी के सार्वजनिक जीवन, उनके विचारों और बिहार के विकास में उनके योगदान को स्मरण करना था। पूरे वातावरण में सम्मान, कृतज्ञता और स्मृति का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति
इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विशेष रूप से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुशील कुमार मोदी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। जैसे ही प्रतिमा से आवरण हटाया गया, पूरा परिसर “सुशील मोदी अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। यह दृश्य दर्शाता है कि सुशील कुमार मोदी न केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व थे, बल्कि जनता के दिलों में भी उनका विशेष स्थान था।
सुशील कुमार मोदी के योगदान पर मुख्यमंत्री का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशील कुमार मोदी के राजनीतिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी ने बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रतीक थे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशील कुमार मोदी ने हमेशा सिद्धांतों की राजनीति की और जनहित को सर्वोपरि रखा। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
राजनीतिक जीवन और सामाजिक सरोकार
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि सुशील कुमार मोदी केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ ही नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की और सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। बिहार में प्रशासनिक सुधारों और वित्तीय अनुशासन को लेकर उनकी भूमिका को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से याद किया।
अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी उपस्थित रहे। उनके अलावा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर सुशील कुमार मोदी के योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
भाजपा नेताओं की श्रद्धांजलि
भाजपा नेताओं ने अपने वक्तव्यों में कहा कि सुशील कुमार मोदी पार्टी के वैचारिक स्तंभ थे। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार और समाज के बीच सेतु का काम किया। नेताओं ने कहा कि सुशील मोदी की राजनीतिक समझ, स्पष्ट सोच और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें एक अलग पहचान दी। उनका जाना न केवल बिहार, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति है।
कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। कई कार्यकर्ताओं ने सुशील कुमार मोदी के साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उनका कहना था कि वे हमेशा कार्यकर्ताओं को सम्मान देते थे और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे। यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें अपने बीच महसूस करते हैं।
स्मृति स्थल के रूप में सुशील मोदी पार्क
राजेंद्र नगर स्थित सुशील मोदी पार्क को अब एक स्मृति स्थल के रूप में देखा जा रहा है। यहां स्थापित प्रतिमा आने वाले समय में लोगों को उनके विचारों और संघर्षों की याद दिलाती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि इस पार्क को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी सुशील कुमार मोदी के जीवन से प्रेरणा ले सके।
बिहार की राजनीति में सुशील मोदी की विरासत
सुशील कुमार मोदी का नाम बिहार की राजनीति में ईमानदार और स्पष्ट छवि वाले नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर अपनी भूमिका बखूबी निभाई। उनके विचार और कार्यशैली आज भी बिहार की राजनीति को दिशा देने में प्रासंगिक माने जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने कहा कि उनकी विरासत को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
आयोजन का भावनात्मक समापन
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और मौन श्रद्धांजलि के साथ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान माहौल गंभीर, भावनात्मक और सम्मान से भरा रहा। लोगों की आंखों में सुशील कुमार मोदी के प्रति आदर और अपनापन साफ झलक रहा था। पटना में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम सुशील कुमार मोदी की जयंती को एक गरिमामय और प्रेरणादायक स्मृति के रूप में प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अनेक नेताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। यह समारोह इस बात का प्रमाण है कि सुशील कुमार मोदी भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार, योगदान और स्मृतियां हमेशा बिहार की राजनीति और समाज में जीवित रहेंगी।

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