February 10, 2026

भागलपुर में बर्ड फ्लू का खतरा: 150 से अधिक कौओं की मौत, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में कौओं की मौत के बाद कराई गई जांच में एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की तस्दीक होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। रिपोर्ट सामने आते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्रों में सख्त एहतियाती कदम लागू कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक ही स्थान पर पेड़ के नीचे 150 से अधिक कौओं को मृत अवस्था में पड़ा देखा था। कई पक्षी तड़पती हालत में भी मिले थे, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी मृत पक्षियों को निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत हटाया और क्षेत्र को अस्थायी रूप से घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। इसके बाद वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे। जिला पशुपालन पदाधिकारी अंजली कुमारी ने बताया कि मृत कौओं के नमूने पटना और भोपाल की उच्च स्तरीय प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे। दोनों जगहों से आई रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल आपात बैठक कर आगे की रणनीति तय की और सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित करते हुए व्यापक सेनेटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र में कैंप कर रही हैं। सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थलों और संभावित संक्रमित इलाकों में नियमित रूप से कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही सभी पोल्ट्री फार्मों से सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं और जीरो सर्विलेंस के तहत दोबारा जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण की किसी भी संभावित श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभ में अत्यधिक ठंड के कारण कौओं की मौत की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन एहतियातन सैंपल जांच के लिए बाहर भेजे गए थे। भारत सरकार से रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मौत का कारण बर्ड फ्लू है। इसके बाद से नवगछिया क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने आसपास के गांवों में भी निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए मुनादी कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मृत या बीमार पक्षी को न छुएं और ऐसी कोई भी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने फार्म में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित करें और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कौओं की मौत पहली बार देखी गई है, जिससे दहशत का माहौल है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और मानव स्वास्थ्य पर सीधा खतरा नहीं है, फिर भी किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद नवगछिया सहित आसपास के क्षेत्रों में एहतियात का घेरा कस दिया गया है और जांच व रोकथाम की प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते। भागलपुर जिले में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है, ताकि समय रहते संक्रमण पर काबू पाया जा सके और किसी बड़े संकट की आशंका को टाला जा सके।

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