पटना में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई बाइक, एक युवक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर
पटना। जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। यह दुर्घटना पटना-गया मार्ग पर धनरूआ बाजार के पास पुराने ग्रामीण बैंक के समीप हुई। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने न केवल मृतक के परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया, बल्कि स्थानीय लोगों में आक्रोश भी पैदा कर दिया।
मृतक और घायल की पहचान
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान धनरूआ थाना क्षेत्र के वीर इमली तर गांव निवासी अनूप पासवान के 22 वर्षीय पुत्र शिव शंकर कुमार के रूप में हुई। वहीं गंभीर रूप से घायल युवक का नाम आयुष कुमार है, जो बिंजू यादव का 20 वर्षीय पुत्र है। दोनों युवक आपस में मित्र बताए जाते हैं और अपने घर से मसौढ़ी की ओर जा रहे थे।
हादसे का कारण और घटनाक्रम
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों युवक रात को बाइक से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे बैठे शिव शंकर कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। सामने बैठे और बाइक चला रहे आयुष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
धनरूआ थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। साथ ही, पुलिस ने दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का आक्रोश
इस हादसे की खबर फैलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने पटना-गया मार्ग को जाम कर दिया और सड़क पर आगजनी की। इससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया-बुझाया और आश्वासन दिया कि सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा। इसके बाद जाकर आवागमन सामान्य हो सका।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह सड़क हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। पटना-गया मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। रात में वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रशासन सड़क पर उचित संकेतक, स्पीड ब्रेकर और प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
परिवार में मातम का माहौल
मृतक शिव शंकर कुमार की असमय मृत्यु से उसके परिवार में मातम का माहौल है। 22 वर्षीय युवक की अचानक मौत ने पूरे गांव को शोक में डाल दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, शिव शंकर एक मेहनती और सरल स्वभाव का युवक था, जिसकी मौत से सभी स्तब्ध हैं। वहीं घायल आयुष कुमार के परिजन अस्पताल में उसकी सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासन की चुनौती
सड़क दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन के लिए लगातार एक चुनौती बना हुआ है। बिहार में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हैं—सड़क पर अतिक्रमण, ओवरलोड वाहन, तेज रफ्तार, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और पुलिस की ढिलाई। ऐसे में प्रशासन को सड़क सुरक्षा के नियमों को और सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। धनरूआ थाना क्षेत्र का यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। सड़क पर जरा-सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसका उदाहरण यह घटना है। प्रशासन को चाहिए कि सड़क पर सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करे और लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक बनाए। साथ ही, हर नागरिक को यह समझना होगा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।


