February 12, 2026

बिहार के कृषि रोड मैप में सहकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : राजीव रंजन

पटना। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हाशिये पर बैठे लोगों को ध्यान में रखते हुए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए राज्य के तृतीय कृषि रोड मैप वर्ष (2017-22) में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका को निर्धारित किया है। श्री प्रसाद ने कहा कि लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकारी समितियों को जिम्मेदारी दी गयी है।  सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश में सहकारिता को आधुनिक एवं तकनीकी रुप से सक्षम बनाने पर राज्य सरकार का विशेष जोर है ताकि प्रतिस्पर्द्धात्मक तरीके से अर्थव्यवस्था में सहकारिता आंदोलन चुनौतियों का सामना कर सकें। श्री प्रसाद ने कहा कि सहकारी समितियों की कुल भंडारण क्षमता 9.943 लाख मेट्रिक टन है एवं (2017-2022) की अवधि में इसमें 10 लाख मीट्रिक टन क्षमता की और वृद्धि की जाएगी।

कृषि रोड मैप अंतर्गत अब तक 3086 गोदामों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जदयू प्रवक्ता के अनुसार, पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के क्रम में अब तक 344 पैक्सों एवं व्यापार मंडलों, चावल मिल-सह-गैसीफायर संयंत्रों की स्थापना की जा चुकी है। साथ ही ड्रायर के साथ विद्युत आधारित चावल मिल स्थापित होंगे। श्री प्रसाद ने कहा कि पैक्सों में व्यवसाय विकास के लिए विशेषकर ऑफ सीजन में उर्वरक भंडारण हेतु हमारी सरकार द्वारा 3207 पैक्सों को प्रति पैक्स 2 लाख रुपये की दर से कार्यशील पूंजी उपलब्ध करायी गई है ताकि उनका समुचित विकास हो सके। कहा कि सब्जी के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, सब्जी उत्पादकों को सही मूल्य दिलाने, उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर सब्जी उपलब्ध कराने तथा सब्जी प्रक्षेत्र में मूल्य संवर्द्धन करने के उद्देश्य से राज्य में त्रिस्तरीय सहकारी सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था का शुभारंभ तृतीय कृषि रोड मैप से हमारी सरकार द्वारा किया गया है।

You may have missed