तेजस्वी का सरकार पर हमला, कहा- टायर्ड मुख्यमंत्री और रिटायर्ड अधिकारी से बिहार परेशान, स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल
पटना। नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। मधेपुरा के दौरे पर रवाना होते समय पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और राज्य की जनता एक “टायर्ड मुख्यमंत्री” और “रिटायर्ड अधिकारियों” की सरकार से त्रस्त हो चुकी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। “राज्य में अपराध बेलगाम हो गए हैं। हर दिन लूट, हत्या, बलात्कार जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। सरकार बेहोशी की हालत में है और जनसमस्याओं से पूरी तरह बेखबर हो चुकी है,” उन्होंने कहा।स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए तेजस्वी ने हाल ही में किए गए एम्स पटना के दौरे का जिक्र किया और कहा कि वहां की स्थिति भयावह है। “लोग सड़कों पर लेटे हैं, मरीजों को बेड तक नहीं मिल रहा। अगर बिहार की राजधानी में यह हाल है तो बाकी जिलों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है,” उन्होंने कहा। पीएमसीएच में फैले कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार दोषी अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। “हमारी सरकार में जिन भ्रष्ट अधिकारियों को हटाया गया था, उन्हें एक बार फिर बहाल कर दिया गया है। क्या उनसे अधिक योग्य अफसर इस राज्य में नहीं हैं?” उन्होंने सवाल उठाया। उपमुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और नेता पीड़ित परिवारों को उल्टे कसम खिलवा रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है और सत्ता में बैठे लोग सिर्फ भाषणों में जनता के ‘रक्षक’ बनने का दावा कर रहे हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधे शब्दों में हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा, “अब नीतीश कुमार बिहार चलाने के लायक नहीं रहे। उन्हें यह तक नहीं मालूम कि उनके मंत्री, विधायक और सांसद कौन हैं। वे एक थके हुए मुख्यमंत्री हैं, और उनके साथ सरकार चला रहे अधिकारी रिटायर्ड मानसिकता वाले हैं।आरक्षण के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने अपनी बात दोहराई और कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही सामाजिक न्याय और आरक्षण के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, लेकिन राजद की लड़ाई अदालत के बाहर भी जारी रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि वह तो उनके पत्रों का जवाब नहीं देते, लेकिन चिराग पासवान से पूछना चाहिए कि क्या उन्हें भी उनके पत्रों का उत्तर मिला या नहीं। तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में लगातार अपराध और स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। उनके इस दौरे को आगामी राजनीतिक रणनीति के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है।


