अश्विनी चौबे बोले- केंद्र 21-22 में बिहार सरकार के साथ 30 लाख एमटी चावल की करेगी अधिप्राप्ति
* 2024 तक सभी लाभकारी योजनाओं के तहत फोर्टीफाइड राइस का किया जाएगा वितरण
* बिहार में खाद्य भंडारण क्षमता 10.50 लाख मेट्रिक टन हुआ

पटना। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आम लोगों की खाद सुरक्षा, किसानों के अत्यधिक कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के लिए सरकार संकल्पित है। इसके लिए सभी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं जिसके अंतर्गत हम देख रहे हैं कि बिहार में खाद्य भंडारण क्षमता 10.50 लाख मेट्रिक टन (एमटी) हो गया, जो 2015 में 5.5 लाख एमटी था। राज्य में 13 लाख एमटी साइलो गोदाम निर्माण की अनुमति मिली है। अखिल भारतीय स्तर पर 108 लाख मेट्रिक टन साइलो के निर्माण के लिए अनुमति दे दी गयी है। स्वामिथन कमिटी लागू कर हम लागत के डेढ़ गुना ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी तय कर खरीदारी कर रहे है। वर्ष 2024 तक सभी लाभकारी योजनाओं के तहत फोर्टीफाइड राइस का वितरण किया जाएगा। वर्ष 2021-22 में केंद्र ने बिहार सरकार के साथ मिलकर 30 लाख एमटी चावल अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों के कल्याण और आत्मनिर्भर बिहार बनाने की मुहिम में बल मिलेगा। श्री चौबे सोमवार को आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 15 से 21 नवंबर तक खाद्य सुरक्षा प्रतिष्ठित सप्ताह कार्यक्रम में पटना के अधिवेशन भवन में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे।
श्री चौबे ने कहा बिचौलियों एवं फर्जी किसानों से खरीद बंद करने के लिए सूचना एवं प्रोद्योगिकी की मदद से किसानों से सीधे खरीद की जा रही है एवं उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं ताकि इस समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को मिले। फलस्वरूप हजारों अन्नदाता सैकड़ों वर्षों के साहूकारी प्रणाली द्वारा ऋण चक्र से बाहर आ पा रहे हैं।

श्री चौबे ने कहा कि वर्ष 21-22 में केंद्र ने बिहार सरकार के साथ निश्चय किया है कि यहां पर कुल 30 लाख मेट्रिक टन चावल की अधिप्राप्ति की जाएगी, जिससे यहां की कुल वार्षिक आवंटन को पूरा किया जा सकेगा और बिहार आत्मनिर्भर बन पायेगा। खाद्य सुरक्षा को और सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह मंत्रालय सभी राज्यों के सहयोग से एक देश एक राशन कार्ड योजना पर भी तेजी से काम कर रहा है, जिससे कोई भी लाभुक किसी भी परिस्थिति में अपने हक से वंचित न हो।
वहीं उन्होंने बताया कि धान की खरीद केएमएस (खरीफ मार्केटिंग सीजन) 2014-15 में 423 लाख एमटी से केएमएस 2020-21 में 894 लाख एमटी हो गयी है। गेहूं की खरीद आरएमएस (रबी मार्केटिंग सीजन) 2014-15 में 281 लाख मेट्रिक टन से 2021-22 में 433 लाख मेट्रिक टन हो गयी है। बिहार सरकार ने केएमएफ 20-21 में 23.84 लाख एमटी चावल की अधिप्राप्ति किया तथा आरएमएस 21-22 में 4.55 लाख एमटी गेहूं का अधिप्राप्ति किया गया। इसके फलस्वरूप राज्य में केएमएफ 20-21 में चावल अधिप्राप्ति में लगभग 5 लाख किसानों को लगभग 6,648 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया तथा आरएमएस 21-22 में गेंहू अधिप्राप्ति में लगभग 1 लाख किसानों को लगभग 900 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने अमर स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि आज के दिन हम भगवान बिरसा मुंडा को भी याद करते हैं जिन्हें हमारे झारखंड राज्य के भाई प्यार से धरती आदा के नाम से याद करते हैं।
इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सांसद रामकृपाल यादव, बिहार की खाद्य आपूर्ति मंत्री लेसी सिंह, विधायक संजीव चौरसिया, कार्यकारी निदेशक (पूर्वी अंचल) डॉ. अजीत कुमार सिन्हा, आंचलिक कार्यालय (पूर्व) एवं महाप्रबंधक (क्षेत्र) संजीव कुमार भदानी उपस्थित थे। वहीं कार्यकारी निदेशक (पूर्व) ने सभी गणमान्य लोगों का परंपरागत तरीके से तथा भाषण देकर स्वागत किया। संजीव भदानी ने कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित सभी लोंगों का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा स्मृति चिह्न प्रदान किया।

