February 22, 2026

बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा : गणित का पेपर संम्पन, छात्र बोले- आसान रहा पेपर, पटना के मिलर हाई स्कूल में 5 मिनट की देरी पर नही मिली एंट्री

पटना। कोरोना के खतरे के बीच आज से यानी मंगलवार से बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा 2022 शुरू हो चुकी है। राज्य के 38 जिलों में बनाए गए 1,471 सेंटर पर कुल 13 लाख 45 हजार 939 स्टूडेंट्स एग्जाम दे रहे हैं। कोरोना से सुरक्षा के साथ नकल विहीन परीक्षा कराने को लेकर बोर्ड ने विशेष तैयारी की है। हालांकि, कुछ परीक्षा केंद्रों के गेट पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था बढ़ती भीड़ के साथ ही समाप्त हो गई। परीक्षार्थियों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी नजर आए। परीक्षा में प्रवेश करने से पहले वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट का उतना महत्व नहीं दिखा। कुछ छात्र ही वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लेकर आए थे, जिसे देखकर बाहर फेंक दिया गया। एग्जाम सेंटर पहुंचे छात्रों ने बताया, ‘ऑनलाइन पढ़ाई होने के कारण हमारे सिलेबस पूरे नहीं हुए हैं। उसके बावजूद हम लोग परीक्षा देने आए हैं, जैसे तैसे परीक्षा देंगे और पास तो कर ही जाएंगे।

खगड़िया में एक परीक्षार्थी निष्कासित

कई सेंटरों पर तो एग्जाम शुरू होने से दो घंटे पहले ही परीक्षार्थी पहुंच गए थे। वहीं खगड़िया में एक परीक्षार्थी को निष्कासित कर दिया गया है। छात्र नीरज ने बताया, ‘जैसे-तैसे पढ़ाई हो पाई है, लेकिन पढ़ाई की है तो ठीक से परीक्षा दे देंगे। वहीं, छात्र सुधांशु ने बताया, ऑनलाइन की वजह से सिलेबस पूरा नहीं हो सका है, फिर भी परीक्षा देने जा रहे हैं।

5 मिनट लेट पहुंचा तो नहीं मिली इंट्री

पटना के मिलर हाई स्कूल से निकलकर सामने आई। यहां परीक्षा केंद्र पर 5 मिनट लेट पहुंचने के वजह से एक छात्र को अंदर नहीं घुसने गया। छात्र करीब 15 मिनट कर गुहार लगाता रहा लेकिन स्कूल स्टाफ ने उसे अंदर घुसने नहीं दिया। सेंटर के बाहर मौजूद लोगों ने स्कूल के स्टाफ को काफी समझाया लेकिन उसने किसी की एक न सुनी और छात्र को बाहर कर दिया।

छात्र बोले- काफी आसान रहा पेपर

इंटरमीडिएट की परीक्षार्थी सुप्रिया का कहना है कि गणित का पेपर काफी आसान था। तैयारी ठीक होने के कारण पेपर अच्छा हुआ है। वही कई बच्चों ने कहा की परीक्षा तो ठीक गई ही है। हालांकि, समय सिलेबस पूरा नहीं हो पाने के कारण कई सवालों को बनाने में कठिनाइयां हुई। कोरोना काल में परीक्षा से थोड़ा डर लग रहा था, लेकिन व्यवस्था ठीक रही। सेंटर पर सोशल डिस्टेंस का पालन करना मुश्किल हो गया था।

वही बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनन्द किशोर का कहना है कि पारदर्शी, कदाचारमुक्त और कड़ाई के साथ परीक्षा कराने को लेकर बोर्ड संकल्पित है। इसी कड़ी में राज्य के सभी जिलों के DM और SP तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक निदेश दिया गया है। उन्हें जिलों में परीक्षा केंद्रों पर खुद भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें यह सुनिश्चित कराना होगा कि परीक्षा केन्द्रों पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश नहीं हो रहा है। साथ ही 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लगाने को कहा गया है, जिससे भीड़ नहीं होने पाए। परीक्षा में कड़ाई से कोई भी समझौता नहीं करने को कहा गया है। परीक्षा में व्यवस्था जोनल, सब जोनल तथा सुपर जोनल स्तर पर की गई है। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के समय परीक्षार्थियों की गेट पर तलाशी ली जाएगी।

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