बिहार भाजपा के भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्र की आज जयंती, अपना जीवन लगा कर भाजपा की जड़ें जमाई थी
पटना।बिहार भाजपा के भीष्म पितामह माने जाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाशपति मिश्रा की आज जयंती है।स्व- कैलाशपति मिश्रा बिहार भाजपा के प्रथम अध्यक्ष बने थे।अपने जीवन पर्यंत संघर्ष के बाद कैलाशपति मिश्रा ने बिहार में भाजपा की जड़े जमाई थी।कैलाशपति मिश्रा को अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में गुजरात तथा राजस्थान का राज्यपाल भी बनाया गया था।आजीवन अविवाहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक कैलाशपति मिश्र बिहार भाजपा के भीष्म पितामह माने जाते हैं।प्रदेश में भाजपा की जड़ें जमाने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन लगा दिया। 90 के दशक में बतौर विपक्ष भाजपा बिहार में अपना स्थान कैलाशपति मिश्र के संघर्षों के वजह से ही बना पाई। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाशपति मिश्र का जन्म बक्सर के दुधारचक गांव में 1923 में हुआ था। पहली बार 1971 में बिहार सरकार में वित्त मंत्री भी रहे थे।आज स्व- कैलाशपति मिश्र की जयंती है।अपना पूरा जीवन बिहार में भाजपा की जड़ों को जमाने में लगा देने वाले कैलाशपति मिश्र का निधन 2012 में हुआ था।पटना में ही उन्होंने आखिरी सांस ली थी।कहा जाता है कि 2000 के आम चुनाव के बाद जब बिहार राजग में नेतृत्वकर्ता का संकट गहराया था।तब स्व- कैलाशपति मिश्र ने ही नीतीश कुमार को एनडीए का नेता घोषित करवाया था।गौरतलब हो कि स्व कैलाशपति मिश्र का सम्मान तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी,गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी करते थे।इतना ही नहीं भाजपा में कैलाशपति मिश्र वाजपेयी आडवाणी तथा जोशी के सरीखे पहली पंक्ति के नेता माने जाते थे। आज भी भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश कार्यक्रम भाजपा कार्यालय स्थित कैलाशपति मिश्र सभागार में ही आयोजित होते हैं।भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता बताते हैं कि कैलाशपति मिश्र की छवि आज भी भाजपा को अपने आशीर्वाद से सींचते रहती है।


