BIHAR : दुर्गा पूजा में न सड़कों पर दिखेंगे आकर्षक पंडाल और न ही सुनने को मिलेगी माता की गीत
पटना। बिहार में बड़े धूमधाम से मनायी जाने वाली दुर्गा पूजा इस बार फिकी रहेगी, न सड़कों पर बड़े-बड़े आकर्षक पंडाल देखने को मिलेंगे और न ही माता की गीत सुनने को मिलेगी। कोरोना संक्रण को बढ़ते खतरे को देखते हुए दुर्गा पूजा को लेकर शुक्रवार को बिहार सरकार ने गाइडलाइन जारी किया है। गाइडलाइन के अनुसार, कोरोना संक्रमण के कारण इस बार प्रदेश में कोई मेला नहीं लगेगा, इस बार रावध वध का कार्यक्रम भी टाल दिय गया है। इसके अलावा लाउड स्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पंडाल का निर्माण किसी विशेष थीम पर नहीं किया जा सकता। सामूहिक प्रसाद वितरण पर भी रोक रहेगी। इस संबंध में गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया है। वहीं दूसरी ओर दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल निर्माण पर रोक लगने से राजधानी के टेंट कारोबारियों के साथ ही मेले में ठेला-खोमचे लगाने वालों में मायूसी छा गयी है। वहीं पटनावासी जिन्हें हर साल दुर्गा पूजा का बेसब्री से इंतजार रहता था, वे भी मायूस हो गए हैं। बता दें पूजा पंडाल नहीं बनने से पंडाल व्यवसायियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना होगा। शहर के पूजा पंडालों के निर्माण से टेंट पंडाल व्यवसाय को हजारों-लाखों रूपये की आमदनी होती रही है। पूजा पंडाल बनाने की तैयारियां छह महीने पहले ही शुरू हो जाते थे। इस वर्ष पंडाल नहीं बनने से लगभग दस हजार टेंट, पंडाल व्यवसायियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।


