नए साल पर आम लोगों के लिए खुलेगा बापू टावर संग्रहालय, लोग कर सकेंगे भ्रमण, निर्देश जारी
पटना। नव वर्ष के अवसर पर पटना आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। राजधानी स्थित बापू टावर संग्रहालय को अब अवकाश के दिनों में भी आम जनता के लिए खोले जाने का निर्णय लिया गया है। नए साल 2026 की शुरुआत और धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि लोग छुट्टियों के दौरान भी इस महत्वपूर्ण स्थल का भ्रमण कर सकें।
धार्मिक और नववर्षीय आयोजनों को ध्यान में रखकर फैसला
यह निर्णय खास तौर पर सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो इस बार शनिवार को पड़ रहा है। इसके साथ ही नए वर्ष के पहले सप्ताह में लगातार छुट्टियां रहने की संभावना है। इन अवसरों पर पटना में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया कि बापू टावर संग्रहालय बंद न रहे और लोग बिना किसी रुकावट के इसका भ्रमण कर सकें।
बापू टावर बन रहा है प्रमुख पर्यटन केंद्र
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि बापू टावर अब केवल पटना ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े पहलुओं को देखने और समझने के लिए लोग खास तौर पर बापू टावर आ रहे हैं।
आधुनिक और विश्वस्तरीय संग्रहालय की पहचान
कुमार रवि ने बताया कि बापू टावर को एक आधुनिक और विश्वस्तरीय संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है। यहां महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वदेशी जैसे विचारों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां, डिजिटल गैलरी और इंटरएक्टिव डिस्प्ले के जरिए गांधी जी के जीवन दर्शन को रोचक और प्रभावी ढंग से दिखाया गया है। यही वजह है कि यह संग्रहालय युवाओं और विद्यार्थियों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा पर जोर
नव वर्ष और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के जन्मदिन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना साहिब में मत्था टेकने आते हैं। ऐसे में ये श्रद्धालु अपने प्रवास के दौरान शहर के अन्य दर्शनीय स्थलों को भी देखना चाहते हैं। बापू टावर को अवकाश के दिनों में खुला रखने का निर्णय इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
जनवरी के पहले सप्ताह तक लागू रहेगी व्यवस्था
जानकारी के अनुसार यह विशेष व्यवस्था जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक लागू रहेगी। आमतौर पर सरकारी अवकाश के दिनों में संग्रहालय बंद रहते हैं, लेकिन इस अवधि में बापू टावर सभी निर्धारित अवकाशों में भी खुला रहेगा। इससे स्थानीय निवासियों को भी लाभ मिलेगा, जो छुट्टियों के दौरान अपने परिवार के साथ इस स्थल को देखने की योजना बनाते हैं।
व्यवस्थाओं को लेकर दिए गए विशेष निर्देश
भवन निर्माण विभाग ने इस दौरान सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जा रही है, ताकि आगंतुकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। टिकट काउंटर, गाइड सेवा और पार्किंग जैसी सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को सुगम अनुभव देने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
पटना की नई पहचान बनता बापू टावर
बापू टावर धीरे-धीरे पटना की नई पहचान के रूप में उभर रहा है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र भी है। यहां आने वाले लोग महात्मा गांधी के जीवन के विभिन्न चरणों, उनके संघर्ष और उनके आदर्शों को करीब से समझ पाते हैं। स्वतंत्रता संग्राम में गांधी जी के योगदान को देखने और महसूस करने का यह एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह निर्णय बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। जब अधिक संख्या में पर्यटक पटना आएंगे, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा। होटल, परिवहन, गाइड सेवा और अन्य संबंधित क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
आम लोगों में खुशी का माहौल
बापू टावर को अवकाश के दिनों में भी खोलने के फैसले से आम लोगों में खुशी देखी जा रही है। स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों ने सरकार के इस निर्णय की सराहना की है। लोगों का कहना है कि पहले छुट्टियों के दौरान समय होने के बावजूद संग्रहालय बंद रहने से उन्हें निराशा होती थी, लेकिन अब वे परिवार और बच्चों के साथ आराम से इसका भ्रमण कर सकेंगे। नव वर्ष और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के अवसर पर बापू टावर संग्रहालय को अवकाश के दिनों में भी खोलने का निर्णय न केवल पर्यटकों के लिए राहत भरा है, बल्कि यह बिहार सरकार की पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति गंभीरता को भी दर्शाता है। यह पहल पटना को पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को इतिहास और विचारधारा से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।


