युद्ध के बढ़ते तनाव का असर, कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक, घरेलू कोटे में भी कटौती
- वैश्विक हालात के कारण गैस की राशनिंग लागू, होटल और कारोबारियों की बढ़ीं मुश्किलें
नई दिल्ली। मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण विश्व स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी का असर अब रसोई गैस की उपलब्धता पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस की आपूर्ति को लेकर बड़े फैसले लिए हैं। ताजा निर्देशों के अनुसार 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सामान्य आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर के कोटे में भी लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक की कटौती का निर्देश दिया गया है। पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के बीच आयोजित एक महत्वपूर्ण आभासी बैठक में इन नए निर्देशों की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण गैस की राशनिंग लागू करना आवश्यक हो गया है। इसका उद्देश्य सीमित संसाधनों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है। व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक के कारण होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और पटरी पर भोजन बेचने वाले छोटे कारोबारियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से शादी-विवाह और अन्य बड़े आयोजनों के समय इस निर्णय का प्रभाव अधिक महसूस किया जा सकता है। हालांकि मानवीय आधार पर अस्पतालों और छात्रावासों को विशेष अनुमति के साथ व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी अब गैस सिलेंडर प्राप्त करना पहले की तुलना में कठिन हो सकता है। पेट्रोलियम कंपनियों ने एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर की सीमा को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। जिन उपभोक्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में अपने हिस्से के 12 सिलेंडर प्राप्त कर लिए हैं, उनकी नई बुकिंग पर स्वचालित रूप से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखने के लिए गैस सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए हैं। अब केवल टोल-फ्री नंबर और आधिकारिक मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से ही गैस सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार की जाएगी। इसके अलावा सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले एक बार उपयोग होने वाले पासवर्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इस सत्यापन प्रक्रिया के गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी। इस पूरे मामले पर स्थानीय प्रशासन फिलहाल सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया दे रहा है। गोरखपुर के जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक से संबंधित लिखित सूचना अभी तक पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि इस विषय पर मंगलवार को पेट्रोलियम कंपनियों और गैस एजेंसी संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गैस के उपलब्ध भंडार, राशनिंग व्यवस्था और आपूर्ति से जुड़ी संभावित समस्याओं की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव की स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में गैस और अन्य ईंधन की आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल सरकार और पेट्रोलियम कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


