January 31, 2026

राजगीर से पटना जू में लाए जाएंगे बब्बर शेर, साथ आएंगे कई नए मेहमान, जगुआर बनेगा लोगों का आकर्षण

पटना। बिहार की राजधानी पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान में आने वाले विजिटर्स के लिए जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। अब पटना जू में राजगीर जू सफारी के बब्बर शेर की दहाड़ गूंजेगी। इसके साथ ही कई नए जानवरों को भी लाने की योजना बनाई गई है, जिनमें अमेरिका में पाए जाने वाले जगुआर प्रमुख आकर्षण होंगे। वन विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं और दिल्ली स्थित सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सीजेडए) से इसको लेकर बातचीत चल रही है।
राजगीर से आएंगे बब्बर शेर
राजगीर जू सफारी में फिलहाल शेरों की संख्या पर्याप्त है, ऐसे में वहां के एक मेल (नर) और एक फिमेल (मादा) शेर को पटना जू लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही सेंट्रल जू अथॉरिटी से अनुमति मिलेगी, दोनों शेरों को पटना लाया जाएगा। इन शेरों को पटना जू में एक विशेष केज में रखा जाएगा ताकि विजिटर्स उन्हें नजदीक से देख सकें। जू प्रशासन के अनुसार, शेर के आगमन के बाद पटना जू में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। राजगीर जू सफारी के शेरों की देखभाल में पहले से ही उच्च स्तरीय इंतजाम हैं, इसलिए उनके स्थानांतरण में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा और शेरों को विशेष पिंजरों में एयर-कंडीशंड वाहनों से लाया जाएगा।
बच्चों के लिए नया आकर्षण – हिरण डिस्प्ले जोन
पटना जू प्रशासन ने शेरों के अलावा अन्य जानवरों के डिस्प्ले को भी आकर्षक बनाने की योजना बनाई है। हिरणों के एनक्लोजर को पुनर्व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि बच्चे उन्हें आसानी से देख सकें। जू प्रशासन का कहना है कि हिरणों की दृश्यता बढ़ाने के लिए एनक्लोजर का नया डिजाइन तैयार किया गया है, जिसमें पारदर्शी बाउंड्री और खुला क्षेत्र शामिल होगा। इसका उद्देश्य बच्चों को प्राकृतिक वातावरण में जानवरों का अनुभव कराना है।
जगुआर बनेगा नया सितारा
पटना जू में आने वाले महीनों में एक और नया मेहमान जुड़ने जा रहा है — जगुआर। अमेरिका में पाए जाने वाला यह जानवर दुनिया का तीसरा सबसे भारी मांसाहारी जानवर माना जाता है, जो शेर और बाघ के बाद आता है। जू प्रशासन ने देश के कई चिड़ियाघरों से संपर्क किया है, जहां जगुआर उपलब्ध हैं। संबंधित जू से बातचीत के बाद इसे अदला-बदली के तहत लाने की योजना है। इस प्रक्रिया के लिए सीजेडए को अनुमति के लिए पत्र भी तैयार किया जा रहा है। जगुआर के पटना जू में आने से यहां का मांसाहारी सेक्शन और आकर्षक बन जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, जगुआर अपनी ताकत, फुर्ती और आकर्षक शरीर संरचना के लिए प्रसिद्ध है, जो पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण बनेगा।
ब्लड लाइन बदलने की तैयारी
जू प्रशासन केवल नए जानवरों को लाने की योजना ही नहीं बना रहा, बल्कि मौजूदा जानवरों की “ब्लड लाइन” यानी आनुवंशिक विविधता को भी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए देश के अन्य प्रमुख चिड़ियाघरों से बाघ और गैंडा लाने की तैयारी चल रही है। हैदराबाद, असम, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के कई जू से संपर्क स्थापित किया गया है। इन जानवरों की अदला-बदली के तहत पटना जू से घड़ियाल या अन्य जानवर भेजे जाएंगे। वन विभाग का मानना है कि नई ब्लड लाइन आने से जानवरों का प्रजनन और स्वास्थ्य बेहतर होगा।
सीजेडए से अनुमति प्रक्रिया जारी
सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अनुमति मिलने के बाद ही इन सभी योजनाओं पर अमल किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अनुमति प्रक्रिया में कुछ सप्ताह लग सकते हैं, लेकिन सभी कागजी कार्यवाही लगभग पूरी हो चुकी है। वन विभाग और पटना जू प्रशासन ने पहले ही राजगीर जू सफारी से बब्बर शेरों की अदला-बदली के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। अनुमति मिलने के बाद ट्रांसफर की तारीख तय की जाएगी।
पर्यटकों में बढ़ा उत्साह
शेर और जगुआर के आने की खबर से पटना और आसपास के लोगों में उत्साह है। छुट्टियों और सर्दियों के मौसम में जू में पर्यटकों की भीड़ पहले से ही बढ़ रही है। बब्बर शेर की दहाड़ और जगुआर की फुर्ती देखने के लिए बच्चे और परिवार पहले से ही उत्सुक हैं। इको पार्क और जू प्रशासन के अनुसार, नए जानवरों के आने से पर्यटकों की संख्या में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की उम्मीद है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान
जू प्रशासन ने बताया कि सभी जानवरों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। शेर और जगुआर के लिए विशेष एनक्लोजर तैयार किया जाएगा, जिसमें तापमान नियंत्रित कमरे और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था होगी। इसके अलावा विजिटर्स के लिए भी सेफ्टी जोन तय किए जाएंगे ताकि जानवरों और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पटना जू में बब्बर शेर और जगुआर के आने से बिहार के वन्यजीव पर्यटन को नई पहचान मिलने जा रही है। राजगीर से लाए जा रहे शेर और विदेशों में प्रसिद्ध जगुआर न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे, बल्कि यह जैव विविधता संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वन विभाग की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि पटना जू देश के प्रमुख चिड़ियाघरों में अपनी जगह और मजबूत करेगा और लोगों के लिए ज्ञान व मनोरंजन का बड़ा केंद्र बनेगा।

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