पटना में लगाए जाएंगे 24 नए ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल, बेहतर होगी यातायात व्यवस्था, डिजिटल निगरानी आसान
पटना। राजधानी पटना में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित तथा सुचारू बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड बैठक में 24 नए स्वचालित यातायात संकेत लगाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद शहर में यातायात संकेतों की कुल संख्या 28 से बढ़कर 52 हो जाएगी। यातायात पुलिस अधीक्षक के प्रस्ताव पर मिली इस मंजूरी के तहत ऐसे आधुनिक संकेत लगाए जाएंगे जो स्वचालित रूप से वाहनों का पता लगाकर लाल, पीली और हरी बत्ती का संचालन करेंगे। इन संकेतों में वाहन पहचान प्रणाली लगी होगी, जिससे सड़क पर वाहनों की संख्या और प्रवाह के अनुसार संकेतों का समय निर्धारित किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक जाम की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है। इन सभी नए यातायात संकेतों को पटना स्मार्ट सिटी के एकीकृत आदेश एवं नियंत्रण केंद्र से जोड़ा जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से पूरे शहर के यातायात की डिजिटल निगरानी और संचालन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इन संकेतों को मैनुअल यानी मानव संचालित प्रणाली से भी नियंत्रित किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव नियंत्रित होगा। बोर्ड बैठक में शहर की स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत निर्मित लेकिन वर्तमान में खराब या निष्क्रिय संपत्तियों को फिर से चालू करने को लेकर भी नीति बनाने का निर्णय लिया गया। विशेष रूप से ई-शौचालयों को दोबारा संचालित करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण कराया जा चुका है और संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इन सुविधाओं के दोबारा शुरू होने से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ-साथ नगर निगम को आय भी प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त मौर्यलोक स्थित मौर्य मंडपम और व्यायामशाला को बाहरी एजेंसी के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसे बाह्य प्रबंधन प्रणाली के तहत देकर आय सृजन की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि निजी भागीदारी से इन परिसरों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। शहर के डाकघर मुख्यालय के पास स्थित भूमिगत मार्ग और बहुस्तरीय पार्किंग के बीच अंधेरे की समस्या को दूर करने के लिए चिह्नित स्थानों पर ऊंचे प्रकाश स्तंभ लगाए जाएंगे। सर्वेक्षण के बाद इस प्रस्ताव को भी बोर्ड ने स्वीकृति दे दी है। इससे रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आम लोगों को सुविधा मिलेगी। मीठापुर में बन रहे सामुदायिक सुविधा केंद्र को अब भूतल सहित चार मंजिला बनाया जाएगा। इस भवन में रेस्तरां, बैंक, स्वचालित धन निकासी मशीन, पुस्तकालय, सैलून और मॉल सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार इसका निर्माण कार्य मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इस केंद्र के शुरू होने से स्थानीय निवासियों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं मिल सकेंगी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से कंकड़बाग क्षेत्र के एक पार्क का पुनरुद्धार भी किया जाएगा। पार्क को आधुनिक स्वरूप देने और हरित क्षेत्र को विकसित करने की योजना है, जिससे नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिल सके। इन सभी प्रस्तावों पर आयोजित पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड बैठक में अंतिम मुहर लगा दी गई। बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, यातायात व्यवस्था को सुधारने और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पटना की शहरी व्यवस्था में सुधार होगा, यातायात प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक और तकनीक आधारित बनेगा तथा सार्वजनिक सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। आने वाले महीनों में इन प्रस्तावों पर काम तेज गति से शुरू किए जाने की संभावना है।


