पटना में ऑटो और ई-रिक्शा हड़ताल से लोगों की बड़ी परेशानी; सड़कों पर पैदल चलने को हुए मजबूर, बसों में भीड़ बढ़ी
पटना। राजधानी पटना में गुरुवार को ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल है। इसकी वजह से सुबह से ही लोगों को काफी परेशानी हो रही। सड़कों पर लोग पैदल चल रहे क्योंकि उनको वाहन नहीं मिल रहा। खास कर स्टेशन, बस स्टैंड और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को आज काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। ऑटो और ई-रिक्शा चालक रूट के निर्धारण का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें पूरे शहर के हर रूट पर चलने दिया जाए। इसका परमिट उन्हें मिले। कई मुख्य सड़क के किनारे लोग खड़े हैं। गाड़ियों का इंतजार कर रहे, लेकिन आज हड़ताल के कारण उनको ना ही ऑटो मिल रहा और ना ही ई रिक्शा। ऐसे में सरकारी बस ही आनेजाने का एकमात्र जरिया है। जो लगभग सभी रूटों में चल रही है, लेकिन इसमें काफी भीड़ हो रही है। शहर में 145 सरकारी सिटी बस चल रही हैं। वहीं, करीब 50 मिनी बस भी चल रहीं हैं। ऑटो का इंतजार करती स्थानीय निवासी ने कहा कि मुझे मेरे बच्चे को स्कूल से लाने जाना है, लेकिन ऑटो बंद होने से बहुत परेशानी हो रही। बच्चा स्कूल में मेरा इंतजार कर रहा है। मेरे पति ने उसे स्कूल ड्रॉप किया था, लेकिन वह अभी किसी काम से पटना से बाहर चले गए हैं। अब मुझे समझ नहीं आ रहा की मैं अपने बेटे को स्कूल से कैसे लाऊं। वहीं, एक दूसरी महिला सुबह 8 बजे से ही मीठापुर से पैदल चलकर पहुंची। उनका कहना है कि मीठापुर से पैदल चलकर बोरिंग रोड तक पहुंची हूं। मुझे मेरे बच्चे का इलाज कराना है। सुबह 8 बजे से मैं घर से निकली हूं। अब चलते चलते थक कर यहां बैठ गई हूं।, मुझे अभी और आगे जाना है। बच्चे का इलाज कराना बहुत जरूरी है। मेरा बच्चा बहुत बीमार है।
ऑटो मेंस यूनियन बोली, ऑटो पर रोक लगानी है तो बिक्री बंद करें सरकार
हड़ताल को लेकर ऑटो चालकों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी की जाए। उन्हें हर रूट में चलने का परमिट दिया जाए। फिलहाल गाड़ियों को निर्धारित रूट पर चलने का परमिट दिया जा रहा। हम लोग पैसेंजर लेते हैं और उतारते हैं, तो फोटो क्लिक कर फाइन लगा दी जाती है। मजबूरन हमें हड़ताल करना पड़ा है। ऑटो मेंस यूनियन के महासचिव सह संयुक्त मोर्चा के कन्वीनर अजय कुमार पटेल ने कहा कि ऑटो और ई रिक्शा चालकों को रूट के बंधन में नहीं बांधा जाना चाहिए। एजेंसियों द्वारा लगातार सीएनजी ऑटो की बिक्री की जा रही, लेकिन स्थायी परमिट नहीं दिया जा रहा है। यदि शहर में ऑटो चलाने पर रोक ही लगानी थी, तो पहले बिक्री बंद करनी चाहिए थी।
मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने किया हड़ताल का समर्थन
वहीं, बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन ने ऑटो चालकों की हड़ताल का समर्थन किया है। फेडरेशन के अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह ने कहा कि ऑटो पटना की लाइफ लाइन है। ऐसे में ऑटो को रूट में बांधना गलत है। इससे गरीबों का रोजगार बंद हो जाएगा। उन्होंने नगर बस सेवा और बैरिया के बस चालकों से भी हड़ताल का समर्थन करने का अनुरोध किया है। उधर, मोर्चा के कन्वीनर अजय कुमार पटेल ने हड़ताल के दौरान चालकों को असामाजिक तत्वों से दूर रहने की अपील की है। अगर कोई किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसे मना करना है। ऑटो चालकों की हड़ताल के दौरान आम लोगों की यात्रा के लिए सरकारी बस विकल्प होगा।


