पटना में पशु तस्करी का भंडाफोड़, ट्रक से दो दर्जन से अधिक पशु बरामद
- गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, चालक और सहचालक गिरफ्तार
- जहानाबाद से पूर्णिया ले जाए जा रहे थे पशु, गौशाला में कराया गया सुरक्षित संरक्षण
पटना। बाईपास थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पशु तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए वाहन जांच अभियान के दौरान एक ट्रक से दो दर्जन से अधिक पशु बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक और उसके सहचालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बरामद पशुओं को जहानाबाद से खरीदकर अवैध रूप से पूर्णिया ले जाया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में सामाजिक संगठन अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के सदस्यों ने भी सहयोग किया। प्राप्त सूचना के बाद बाईपास थाना पुलिस ने इलाके में विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान ट्रक के भीतर ठूंस-ठूंस कर भरे गए पशु पाए गए, जिनकी स्थिति अत्यंत दयनीय थी। बरामद पशुओं की हालत को देखते हुए तत्काल उन्हें ट्रक से उतारकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। पुलिस ने सभी पशुओं को दीदारगंज स्थित गौशाला में भिजवाया, जहां पशु चिकित्सकों की टीम उनकी देखभाल और उपचार में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि उचित इलाज और देखरेख से पशुओं को जल्द स्वस्थ किया जाएगा। इस दौरान पुलिस ने ट्रक को भी जब्त कर लिया और मौके पर मौजूद चालक तथा सहचालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इन पशुओं को जहानाबाद से खरीदकर पूर्णिया ले जा रहे थे, जहां उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। बाईपास थाना प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई और इसमें पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि पशु तस्करी एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका विस्तार किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता और बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जांच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी पशु तस्करी या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि पशु तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह पशुओं के प्रति क्रूरता का भी उदाहरण है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन इस दिशा में कड़ी निगरानी बनाए हुए है और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया है। इस कार्रवाई से पुलिस ने एक बड़े तस्करी प्रयास को विफल कर दिया है और इससे इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के बीच भय का माहौल बना है। आने वाले समय में इस तरह के अभियानों से पशु तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।


