बिहार के किसानों को होली से पहले मिलेगी किसान सम्मान निधि की राशि, ई-केवाईसी और सत्यापन अनिवार्य
पटना। बिहार समेत पूरे देश के किसानों के बीच इन दिनों प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त को लेकर उत्सुकता और चर्चा का माहौल है। लाखों किसानों की निगाहें मार्च के पहले सप्ताह पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उम्मीद जताई जा रही है कि होली से पहले योजना के तहत मिलने वाली 2000 रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा सकती है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने अपनी पहचान सत्यापन प्रक्रिया यानी ई-केवाईसी पूरी कर ली है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि बिना ई-केवाईसी के किसी भी किसान को सम्मान निधि की अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य योजना में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि राशि सही लाभार्थियों तक पहुंचे। जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त अटक सकती है। ऐसे में कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों ने किसानों से जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करने की अपील की है। ई-केवाईसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त एक बार उपयोग होने वाले पासवर्ड के माध्यम से ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से चेहरे की पहचान प्रणाली का उपयोग कर भी घर बैठे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे आसानी से योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। तकनीकी कारणों से भी कई किसानों की किस्त अटकने की संभावना बनी रहती है। अधिकारियों के अनुसार, आधार कार्ड और बैंक खाते में दर्ज नाम की वर्तनी एक जैसी होना अनिवार्य है। यदि नाम में किसी प्रकार की त्रुटि होती है, तो भुगतान प्रक्रिया विफल हो सकती है। इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया जमीन सत्यापन है, जिसे भूमि अंकन कहा जाता है। यदि किसी किसान की योजना स्थिति में भूमि अंकन के सामने ‘नहीं’ लिखा हुआ दिखाई देता है, तो इसका अर्थ है कि उनकी जमीन का सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है और ऐसी स्थिति में उनकी अगली किस्त रुक सकती है। ऐसे मामलों में किसानों को अपने क्षेत्र के पटवारी, लेखपाल या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमीन का सत्यापन कराना होगा। इससे उनकी योजना स्थिति अपडेट हो जाएगी और अगली किस्त मिलने में कोई बाधा नहीं आएगी। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों की जांच और सुधार कर लें, ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके। किसान अपनी योजना की स्थिति की जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘अपनी स्थिति जानें’ विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद पंजीकरण संख्या या आधार संख्या दर्ज कर आवश्यक विवरण भरने पर उनकी योजना से संबंधित सभी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। इससे किसान यह जान सकेंगे कि उनकी किस्त जारी होने की स्थिति क्या है और उन्हें किसी प्रकार की प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता है या नहीं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और कृषि कार्यों में सहायता प्रदान करना है। बिहार के लाखों किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और हर किस्त का उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता है। होली का पर्व नजदीक होने के कारण किसानों को उम्मीद है कि सम्मान निधि की अगली किस्त समय पर उनके खातों में पहुंच जाएगी, जिससे उन्हें त्योहार के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल उन्हीं किसानों को यह लाभ मिलेगा, जिन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। ऐसे में किसानों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे समय रहते ई-केवाईसी और जमीन सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि उन्हें योजना का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।


