January 29, 2026

अख्तरुल ईमान का नीतीश पर हमला, कहा- सुशासन के दावे करने वाले सीएम की नाव डूब रही, चरम पर पहुंचा अपराध

पटना। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन का दृश्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से भरा रहा। जहां एक ओर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के विधायक वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को लेकर काले कपड़े पहनकर विरोध जताते नजर आए, वहीं दूसरी ओर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के एकमात्र विधायक अख्तरुल ईमान ने सरकार पर अलग तरह से हमला बोला। उन्होंने नीतीश कुमार की नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य में बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
नीतीश कुमार के सुशासन के दावे पर सवाल
अख्तरुल ईमान ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में नीतीश कुमार को सीधे तौर पर घेरते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री खुद को “मिस्टर क्लीन” बताते हैं और सुशासन की सरकार का दावा करते हैं, आज उन्हीं की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक समय कहा था कि बिहार में अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन आज उन्हीं के शासन में अपराध चरम पर है और सरकार का इकबाल समाप्त होता नजर आ रहा है।
अपराधियों के हौसले बुलंद
अख्तरुल ईमान ने राजधानी पटना का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री के नाक के नीचे अपराधी खुलेआम गोलियां चला रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है, तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति की कल्पना करना कठिन नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक व्यक्ति को पुलिस कस्टडी में इलाज के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो कानून व्यवस्था की स्थिति की भयावहता को दिखाता है। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस कस्टडी में भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा।
सीमांचल क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाएं
अख्तरुल ईमान ने सीमांचल क्षेत्र की स्थिति पर विशेष चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वहां किसानों की फसलें लूटी जा रही हैं, उनके मवेशी चोरी हो रहे हैं, और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। डकैती और चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन प्रशासन अपराध रोकने में विफल है। इससे लोगों में भय और असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
शराबबंदी और नशाखोरी पर भी उठाए सवाल
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद, अख्तरुल ईमान ने आरोप लगाया कि शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है। उन्होंने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक शराब आसानी से उपलब्ध है और प्रशासन की मिलीभगत से यह कारोबार फल-फूल रहा है। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छोटे-छोटे बच्चों को नशे की लत लगाई जा रही है। चरस, गांजा और स्मैक जैसी नशीली चीजें अब बच्चों तक पहुंच चुकी हैं, जिससे वे चोरी और अन्य अपराधों में लिप्त हो रहे हैं।
नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग
अपने आरोपों के अंत में अख्तरुल ईमान ने यह भी कहा कि जब राज्य में अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है, और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है, तो ऐसे में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है और इस सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं बची है। बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों का सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब राज्य में अपराध, नशाखोरी और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगते हैं, तो सरकार की जवाबदेही बढ़ जाती है। अख्तरुल इमान के आरोपों में सीमांचल जैसे उपेक्षित क्षेत्रों की समस्याएं विशेष रूप से सामने आई हैं। अब देखना होगा कि नीतीश सरकार इन आरोपों का क्या जवाब देती है और राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाती है।

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