PATNA : लिंग भेद के आधार पर गर्भ समापन वैध नहीं, जीविका दीदियों को किया गया जागरूक
फुलवारी शरीफ। शुक्रवार को पटना सदर अंचल के अंतर्गत पंचायत महुली में जीविका दीदियों को जागरूक करने का कार्यक्रम चलाया गया। जिसमें सुरक्षित गर्भ समापन के बारे में सभी दीदियों को उन्मुखीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बताया गया कि किन-किन परिस्थितियों में गर्भ समापन वैध है। साथ में यह भी बताया गया कि महिलाओं का अपने शरीर पर स्वयं का अधिकार है। महिलाएं बच्चा पैदा करना चाहती है या नहीं चाहती है, वह खुद निर्णय कर सकती है। विपरीत परिस्थितियों में गर्भनिरोध के उपायों के प्रयोग के असफल होने पर गर्भ में पल रहा बच्चा की विकृति की स्थिति में माताओं की मानसिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं हो तो उस स्थिति में गर्भ समापन कराना वैध माना गया है। ऐसे समय में गर्भ समापन का कार्य सरकारी अस्पताल या सरकारी मान्यता प्राप्त अस्पताल में ही प्रशिक्षित डॉक्टर के द्वारा किया जाना वैध माना गया है। इसके अलावा उन्हें बताया गया कि एक बच्चा के होने के बाद भी अगर आप दूध बच्चे को पिला रहे हैं तब भी गर्भधारण हो सकता है। इसीलिए इस गफलत में नहीं पड़ना है और जैसे ही माहवारी बंद हो तत्काल प्रशिक्षित डॉक्टर से सरकारी अस्पताल में संपर्क कर उचित राय लेना चाहिए। कार्यक्रम में आसपास की अन्वेषिका विजयालक्ष्मी, समता ग्राम सेवा संस्थान के श्याम कुमार और संस्थान के महामंत्री रघुपति ने नए लोगों का उन्मुखीकरण किया। कार्यक्रम में जीविका की ओर से अजीत कुमार और कविता कुमारी ने बैठक करने में अहम रोल निभाया। धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।


